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सोने की दरआमदात पर क़ाबू पाने इक़दामात

नई दिल्ली,28 फरवरी: माक़ब्ल बजट पेश करदा मआशी सर्वे में आज इस बात की तजवीज़ रखी गई है कि सोने की दरआमदात पर क़ाबू पाने के लिए मज़ीद इक़दामात की ज़रूरत है ताकि मुल्क के जारिये ख़सारे को कम किया जा सके और उसे इत्मीनान बख्श सतह पर लाया जा सके। स

नई दिल्ली,28 फरवरी: माक़ब्ल बजट पेश करदा मआशी सर्वे में आज इस बात की तजवीज़ रखी गई है कि सोने की दरआमदात पर क़ाबू पाने के लिए मज़ीद इक़दामात की ज़रूरत है ताकि मुल्क के जारिये ख़सारे को कम किया जा सके और उसे इत्मीनान बख्श सतह पर लाया जा सके। साल 2012-13 के आधे हिस्से में मुल्क का जारीया ख़सारा (सी ए डी) अंदरूने मुल्क मजमूई पैदावार का 4.6 फ़ीसद रहा। दस्तियाब इशारों से पता चलता है कि जारीया अकाउंट बैलेंस में किसी किस्म की बेहतरी की उम्मीद नहीं है।

फिर भी सोने की दरआमदात की हौसलाशिकनी की जाये तो मसले पर क़ाबू पाया जा सकता है। मुल्क में सोने की तलब में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है, उस की अलामत ये है कि मुल्क की मईशत में मज़ीद बुनियादी मसाइल पैदा होंगे।

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