Friday , December 15 2017

स्कालरशिप्स इदख़ाल दरख़ास्त की तारीख़ में तौसीअ का मुतालिबा

हैदराबाद । 12 जुलाई ( सियासत न्यूज़) हुकूमत स्कालरशिपस के लिए दरख़ास्तों के इदख़ालकी तारीख़ में फ़ौरी तौसीअ का ऐलान करे और तलबा-ए-को दरपेश मसाइल को हल करते हुए दरख़ास्तों के इदख़ाल में आसानी पैदा करें । मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से फ़

हैदराबाद । 12 जुलाई ( सियासत न्यूज़) हुकूमत स्कालरशिपस के लिए दरख़ास्तों के इदख़ालकी तारीख़ में फ़ौरी तौसीअ का ऐलान करे और तलबा-ए-को दरपेश मसाइल को हल करते हुए दरख़ास्तों के इदख़ाल में आसानी पैदा करें । मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से फ़राहम की जाने वाली स्कालरशिपस के लिए दरख़ास्त के इदख़ाल की आख़िरी तारीख़ 15जुलाई है जिसे 31जुलाई तक तौसीअ दिए जाने की ज़रूरत है ।

तेलगुदेशम क़ाइदीन मिस्टर संगी रेड्डी सरीनवास रेड्डी फ़्लोर लीडर जी ऐच एमसी जनाब शहबाज़ अहमद ख़ान सदर माइनारीटी सेल मिस्टर सुधीर रेड्डी ने आज एक याददाश्त मिस्टर दाना किशवर सैक्रेटरी महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद के हवाले करते हुए इस बात की ख़ाहिश की कि वो फ़ौरी तौर पर अक़ल्लीयती तलबा-ए-को सहूलतों की फ़राहमी केलिए तहसीलदारों और ज़िला क्लैक्टरस को हिदायात जारी करें चूँकि इस बात की शिकायात मौसूल हो रही है कि एक लाख से कम आमदनी रखने वाले सरपरस्तों को भी एक लाख से ज़ाइद के सदाक़त नामे आमदनी जारी किए जा रहे हैं ।

तेलगुदेशम पार्टी क़ाइदीन के वफ़द ने मोतमिद अक़ल्लीयती बहबूद को हवाले करदा याददाश्त में इस बात की शिकायत की कि क़ौमी बैंक अक़ल्लीयती तलबा के खाते खोलने से इनकार कररहे हैं जबकि हुकूमत की जानिब से इस बात की हिदायत दी जा चुकी है कि तलबा-ए-के खाते बगै़र किसी रक़म के खोले जाएं । मिस्टर संगी रेड्डी सरीनवास रेड्डी ने बताया कि तेलगुदेशम पार्टी की जानिब से परनसपाल सैक्रेटरी महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद से नुमाइंदगी करते हुए तारीख़ में तौसीअ का मुतालिबा किया गया है और तलबा-ए-को दरपेश मसाइल से आगाह करवाया गया है ।

अगर इस नुमाइंदगी के बावजूद भी हुकूमत हरकत में नहीं आती है और वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद उन मसाइल के हल पर तवज्जा मबज़ूल नहीं करते हैं तो ऐसी सूरत में तेलगुदेशम पार्टी क़ाइदीन टी एनऐस एफ़ कारकुनों के हमराह वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद मिस्टर मुहम्मद अहमद अल्लाह का घीराव‌ करेंगे । तेलगुदेशम क़ाइदीन के वफ़द ने बताया कि अयम् आर ओ दफ़ातिर में मनमानी करते हुए जिस अंदाज़ में सदाक़त नामा आमदनी जारी किए जा रहे हैं वो तलबा-ए-को फ़ायदा पहुंचाने के बजाय नुक़्सान का बाइस बन रहे हैं ।

TOPPOPULARRECENT