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स्कालरशिप और फ़ीस बाज़ अदायगी के बकायाजात की इजराई

तलबा के स्कालरशिप और फ़ीस बाज़ अदायगी से मुताल्लिक़ बजट की अदम इजराई के सबब तन्क़ीदों का सामना कररही तेलंगाना हुकूमत ने एससी, एसटी और बी सी तलबा की तालीमी फ़ीस और स्कालरशिप के लिए 466करोड़ रुपये जारी किए हैं।

तलबा के स्कालरशिप और फ़ीस बाज़ अदायगी से मुताल्लिक़ बजट की अदम इजराई के सबब तन्क़ीदों का सामना कररही तेलंगाना हुकूमत ने एससी, एसटी और बी सी तलबा की तालीमी फ़ीस और स्कालरशिप के लिए 466करोड़ रुपये जारी किए हैं।

इन तीनों तबक़ात के लिए तालीमी फ़ीस और स्कालरशिप के पिछ्ले दो बरसों के बक़ायाजात 1589करोड़ हैं जिन में से 466करोड़ 50लाख जारी किए गए ताहम तक़रीबन 1000करोड़ रुपये की इजराई बाक़ी है। दर्ज फ़हरिस्त अक़्वाम-ओ-क़बाईल और पसमांदा तबक़ात के तलबा के लिए स्कालरशिप और तालीमी फ़ीस के बक़ायाजात की अदम इजराई के मसले पर तलबा तंज़ीमें एहतेजाज कररही हैं और उन्होंने चीफ़ मिनिस्टर कैंप ऑफ़िस के घेराव‌ की भी कोशिश की।

बताया जाता हैके चीफ़ मिनिस्टर चन्द्रशेखर राव‌ ने बक़ायाजात की फ़ौरी इजराई का हुक्म दिया जिस पर ताहाल 466करोड़ जारी करदिए गए। अक़लियती तलबा के लिए पिछ्ले दो बरसों के बक़ायाजात 175करोड़ थे जिस में से 75करोड़ जारी किए गए और वो अभी तक महिकमा अक़लियती बहबूद के अकाऊंट में नहीं पहुंचे जबकि 100करोड़ की इजराई का फ़ैसला नहीं किया गया। बावसूक़ ज़राए ने बताया कि स्कालरशिप और फ़ीस बाज़ अदायगी के मसले पर तलबा में फैली बेचैनी दूर करने के लिए चीफ़ मिनिस्टर ने ओहदेदारों को बक़ायाजात की जल्द इजराई को यक़ीनी बनाने की हिदायत दी।

जारीया साल हुकूमत ने FASTनामी स्कीम का एलान किया लेकिन अभी तक इस के क़वाइद तए नहीं किए गए जिस के बाइस इस स्कीम पर अमल आवरी का आग़ाज़ नहीं होसका।हुकूमत की तरफ से जारी करदा 466 करोड़ में एससी तलबा के लिए 318 करोड़ 98 लाख रुपय जारी किए गए। परी मैट्रिक स्कालरशिप के लिए 13.12करोड़ जारी किए गए। एसटी तलबा को स्कालरशिप के सिलसिला में 65.52करोड़, पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप के लिए 68.88करोड़ जारी किए गए। इस तरह एसटी तबक़ा के लिए 134करोड़ जारी किए गए।

बी सी तलबा के लिए मर्कज़ी हुकूमत की स्कालरशिप के सिलसिले में रियासती हुकूमत ने मैचिंग ग्रांट के तौर पर 12 करोड़ 33लाख रुपये मंज़ूर किए हैं। हुकूमत ने एससी, एसटी और बी सी तबक़ात के लिए मर्कज़ी स्कीमात के तहत हासिल हुई रक़ूमात को भी जल्द जारी करने का फ़ैसला किया है। इसी दौरान वज़ीर बहबूदी पसमांदा तबक़ात जोगू रामना ने महिकमा के आला ओहदेदारों का मीटिंग तलब करते हुए मुख़्तलिफ़ बहबूदी स्कीमात और खासतौर पर स्कालरशिप और तालीमी फ़ीस पर अमल आवरी का जायज़ा लिया। उन्होंने ओहदेदारों को हिदायत दी कि जारीया साल बजट में मुख़तस करदा मुकम्मिल रक़म के ख़र्च को यक़ीनी बनाया जाये।

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