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स्टालिन के घर सीबीआई के छापे पर घिरी हुकूमत

नई दिल्ली, 22 मार्च: एनडीए की यूपीए हुकूमत से ताइद वापस लेने के दो दिन बाद ही पार्टी लीडर एमके स्टालिन के घर जुमेरात को सीबीआई ने छापेमारी की। सीबीआई की अचानक इस कार्रवाई को लेकर हुकूमत बुरी तरह घिर गई।

नई दिल्ली, 22 मार्च: एनडीए की यूपीए हुकूमत से ताइद वापस लेने के दो दिन बाद ही पार्टी लीडर एमके स्टालिन के घर जुमेरात को सीबीआई ने छापेमारी की।

सीबीआई की अचानक इस कार्रवाई को लेकर हुकूमत बुरी तरह घिर गई।

एनडीए सुप्रीमो करुणानिधि के जांनशीन माने जा रहे स्टालिन के घर छापे को पार्टी ने सियासी बदले की कार्रवाई बताया। तो अपोजिशन ने भी सीबीआई के गलत इस्तेमाल का इल्ज़ाम लगाते हुए हुकूमत पर जोरदार हमला बोला।

छापेमारी से उठे सयासी बवंडर के बीच वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह से लेकर फायनेंस मिनिस्टर पी चिदंबरम समेत कई वुजरा हुकूमत के बचाव में सफाई देने उतरे कि इसमें हुकूमत का कोई हाथ नहीं है। वहीं, सीबीआई ने भी दावा किया है कि यह कार्रवाई कानूनी अमल के तहत की गई।

किसी को निशाना बनाकर कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि तनाज़े के बाद सीबीआई ने जांच के हुक्म दिए हैं कि कहीं अमल में कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई। सीबीआई के मुताबिक बुध की रात डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) के हुक्म पर तमिलनाडु में 33 महंगी गैर मुल्की कारों के दर आमद में हुई हेराफेरी के बाबत एफआईआर दर्ज की थी।

इस मामले में कस्टम ड्यूटी की गड़बड़ी से सरकारी खजाने को करीब 48 करोड़ रुपये का चूना लगा है। इसी बुनियाद पर 18 मुकामात पर छापेमारी की गई और 17 गाड़ियां जब्त भी की गईं। इस सिलसिले में एलेक्स जी जोसफ नाम के एजेंट और डीआरआई के एक आफीसर को नामजद किया गया है।

ज़राए के मुताबिक स्टालिन के बेटे और करुणानिधि के पोते उदयानिधि ने एलेक्स से हमर कार खरीदी थी। जुमेरात की सुबह 6.30 बजे एजेंसी के चार आफीसर उदयानिधि से पूछताछ के लिए स्टालिन के घर पहुंच गए।

ज़राए के मुताबिक उदयानिधि ने सीबीआई को बताया कि उनकी कार वर्कशाप में हैं। वह गाड़ी के कागजात दिखाने को तैयार हो गए थे। लेकिन इसे सियासी बदले की कार्रवाई बताते हुए स्टालिन सीबीआई आफीसरों पर आगबबूला हो गए। हालांकि सियासत के माहिर करुणानिधि के इशारे पर स्टालिन बाद में नरम जरूर हुए।

सीबीआई के छापे सियासी इंतेकाम की कार्रवाई है।
एमके स्टालिन, एनडीए

छापे मारे जाने का वक्त बेहद बदकिस्मती कि बात है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। हुकूमत का इसमें कोई किरदार नहीं है। हम वजुहात का पता लगाएंगे।
वज़ीर ए आज़म : मनमोहन सिंह

मैं भी सीबीआई के गलत इस्तेमाल की शिकार हो चुकी हूं। बीजेपी हो या कांग्रेस, इक्तेदार में रहने वाली पार्टी अपने फायदे के लिए सीबीआई का गलत इस्तेमाल करता रहा है।
मायावती, बहुजन समाज पार्टी चीफ

स्टालिन के यहां पड़े सीबीआई के छापे इस बात की एक मिसाल हैं कि यूपीए हुकूमत अपना वजूद बचाए रखने के लिए किस तरह इक्तेदार का गलत इस्तेमाल कर रही है। जो भी इत्तेहाद से बाहर जा रहा है, उस पर सीबीआई का शिकंजा कस दिया जा रहा है।
राजीव प्रताप रूडी, बीजेपी

———-बशुक्रिया: अमर उजाला

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