स्टिंग ऑपरेशन में बिहार के चार एमपी फंसे

स्टिंग ऑपरेशन में बिहार के चार एमपी फंसे
बद उनवानी के खिलाफ कानून बनानेवाले तमाम एमपी अब भी बद उनवानी तर्ज़ अमल में मौलूस हैं। खोजी सहाफ़त करनेवाली वेबसाइट कोबरापोस्ट ने ‘ऑपरेशन फाल्कन क्लॉ’ के जरिये सनसनीखेज खुलासा किया है कि बिहार के चार एमपी समेत मुखतलिफ़ पार्टियों क

बद उनवानी के खिलाफ कानून बनानेवाले तमाम एमपी अब भी बद उनवानी तर्ज़ अमल में मौलूस हैं। खोजी सहाफ़त करनेवाली वेबसाइट कोबरापोस्ट ने ‘ऑपरेशन फाल्कन क्लॉ’ के जरिये सनसनीखेज खुलासा किया है कि बिहार के चार एमपी समेत मुखतलिफ़ पार्टियों के 11 एमपी एक ऐसी कंपनी की मदद करने के लिए तैयार हो गये, जिसका कोई वजूद ही नहीं है। ये लोग 50 हजार से 50 लाख रुपये लेकर पेट्रोलियम वुजरा को सिफारिशी चिट्ठी लिखने और उनके लिए लॉबिंग करने को तैयार हो गये। खुफिया कैमरे में कैद 11 एमपी में से छह ने सिफारिशी चिट्ठी लिख दी। बाक़ी पांच में से एक ने पांच लाख और एक ने 50 लाख रुपये मांगे। कोबरापोस्ट के रिपोर्टर ने ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी के लिए जुनूबी मशरिकी में तेल की खोज और कानकुनी के हक़ दिलाने की दरख्वास्त किया, तो एमपी कंपनी के बारे में बिना कोई जांच-पड़ताल किये उसकी मदद के लिए तैयार हो गये। कुछ एमपी ने कोबरापोस्ट के सहाफ़ियों को पेट्रोलियम वज़ीर वीरप्पा मोइली से मिलवाने तक का वादा कर दिया।

मालूम हो कि कुछ साल पहले एक ऐसे ही स्टिंग ऑपरेशन में 11 एमपी पकड़े गये थे, जो पार्लियामेंट में उनके सवाल उठाने के एवज में पैसे की मुताल्बा कर रहे थे। खुलासे के बाद तमाम एमपी को सस्पेंड कर दिया गया था।

कोबरापोस्ट के एडिटर अनिरुद्ध बहल ने कहा कि कई एमपी चिट्ठी लिखने के अलावा लॉबिंग करने तक को तैयार थे। कुछ ने दीगर एमपी से भी मिलवाने और उन्हें लॉबिंग के लिए तैयार करने का भरोसा दिया।

कौन-कौन एमपी हैं :

के सुगुकुमार और सी राजेंद्रन (एआइडीएमके), लालूभाई पटेल, रवींद्र कुमार पांडेय, हरि मांझी (भाजपा), विश्वमोहन कुमार, महेश्वर हजारी और भूदेव चौधरी (जदयू), खिलाड़ी लाल भैरवा, विक्रमभाई अजर्नभाई (कांग्रेस), कैसर जहां (बसपा)।

सुबूत मिला, तो कार्रवाई : जदयू

जदयू ने कहा है कि कोबरा पोस्ट के स्टिंग ऑपरेशन में पार्टी के जिन एमपी के नाम आये हैं, उनसे इस सिलसिले में बातचीत की जायेगी। अगर सुबूत मिला,तो उनके खिलाफ संगीन कार्रवाई होगी। जदयू के रियासती सदर शरीक एमपी वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि पार्टी को पूरा भरोसा है कि पार्टी के लीडर ऐसा कुछ नहीं करेंगे। जदयू की पॉलिसी और क़ायेदीनों का कैरेक्टर शुरू से ही साफ रहा है। वैसे पूरे मामले की जानकारी अभी नहीं है। अगर ऐसी बात आयी है, तो इसकी तहकीकात होगी। एमपी से बात होगी। अगर सुबूत मिला, तो जरूर कार्रवाई होगी। वहीं, जदयू के क़ौमी जेनरल सेक्रेटरी शरीक तर्जुमान केसी त्यागी ने कहा कि कोबरा पोस्ट ने नरेंद्र मोदी को लेकर भी कई चीजों को उजागर किया था। सीबीआइ के 129 कॉल सामने आये थे, लेकिन उनके खिलाफ क्या हुआ।

Top Stories