Monday , December 11 2017

स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड को फ़ौरी तब्दील करने का मुतालिबा

स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से गुज़िश्ता तीन माह के दौरान अहम दरगाहों और बारगाहों के मुतवल्लियों और सज्जादगान के ख़िलाफ़ की गई कार्यवाईयों पर मुस्लिम जमातों और तनज़ीमों ने शदीद रद्दे अमल का इज़हार किया।

स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से गुज़िश्ता तीन माह के दौरान अहम दरगाहों और बारगाहों के मुतवल्लियों और सज्जादगान के ख़िलाफ़ की गई कार्यवाईयों पर मुस्लिम जमातों और तनज़ीमों ने शदीद रद्दे अमल का इज़हार किया।

दरगाह हज़रत शाह ख़ामूश(रह) के अहाता में आज एक कुल जमाती इजलास मुनाक़िद हुआ जिस में बिला लिहाज़ मसलक और मकतब मुख़्तलिफ़ जमातों के क़ाइदीन ने शिरकत की और हुकूमत से मुतालिबा किया कि वो स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड को फ़ौरी तब्दील करदे। जनाब अबदुर्रहीम कुरैशी सदर तामीरे मिल्लत ने इजलास की सदारत की।

उल्मा मशाइख़, दानिश्वर के इलावा शीआ और मेहदवी तबक़े के क़ाइदीन ने भी इजलास में शिरकत करते हुए वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से हालिया अर्सा में की गई कार्यवाईयों की मुज़म्मत की। जनाब रहीम कुरैशी ने इजलास से ख़िताब करते हुए कहा कि हुकूमत को इस बात का जायज़ा लेना चाहीए कि स्पेशल ऑफीसर का तक़र्रुर किस हद तक क़ानूनी है।

उन्हों ने हुकूमत से मांग की कि वो स्पेशल ऑफीसर को सीमा आंध्र हुकूमत के लिए अलॉट करे और उन्हें तेलंगाना में ख़िदमात अंजाम देने का मौक़ा ना दिया जाए। उन्हों ने कहा कि स्पेशल ऑफीसर का ताल्लुक़ सीमा आंध्र से है और वो मख़सूस ज़हन के साथ दरगाहों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रहे हैं। उन्हों ने कहा कि सज्जादगान और मोतवल्लियायान को बदनाम करने की साज़िश के पसेपर्दा बाअज़ रीटायर्ड आई ए एस ओहदेदार हैं।

रहीम कुरैशी ने कहा कि वक़्फ़ बोर्ड की कार्यवाईयों को सिर्फ़ सज्जादगान का मसअला तसव्वुर ना किया जाए बल्कि ये मिल्लत इस्लामीया का मसअला है। उन्हों ने कहा कि औक़ाफ़ी जायदादों पर नाजायज़ क़ाबिज़ीन की फ़ेहरिस्त में हुकूमत सरे फ़ेहरिस्त है लेकिन स्पेशल ऑफीसर को आराज़ीयात हासिल करने की कोई फ़िक्र नहीं।

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