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स्मृति इरानी एक्सीडेंट मामला: FIR में गलत कार नंबर लिखने के लिए दबाव डाला गया : मुतक का बेटा

नई दिल्ली। 5 मार्च की रात केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के काफिले की एक गाड़ी से टक्कर के बाद मारे गए डॉक्टर का बेटे ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर शिकायत की है कि उस पर एफआईआर में गलत कार का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखने के लिए दबाव डाला गया था। राष्ट्रपति को लिखे गए इस पत्र में डॉक्टर के बेटे अभिषेक ने नई ऐसी सनसनीखेज बातों से पर्दा उठाया है । उसने लिखा है कि मंत्री के काफिले की कार के मेरे पिता की मोटरसाइकल को टक्कर मारे जाने के बाद ड्राइवर वहां से भाग निकला और ईरानी मेरे पिता को दो छोटे बच्चों के साथ छोड़ कर दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। बाद में मुझ पर डीएल 3सी 5315 नंबर की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर एफआईआर में लिखने के लिए दबाव डाला गया। लेकिन ये उस गाड़ी का नंबर है जिसे मैंने कभी देखा ही नहीं। अगर इस नंबर प्लेट की कोई कार मौजूद थी, तो मैं उसे देखना चाहूंगा। मंथ पुलिस स्टेशन के थाना इंचार्ज ने मेरे उस रजिस्ट्रेशन नंबर को नहीं लिखे जाने के स्थिति में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। इंस्पेक्टर कहा कि उसने गाड़ी को सीज कर दिया है लेकिन गाड़ी दिखाए जाने से इनकार कर दिया।

डॉक्टर रमेश नागर के बेटे अभिषेक नागर द्वारा लिखे गए पत्र के मुताबिक वह राष्ट्रपति से न्याय चाहता है। पत्र में उसके द्वारा हाल ही में ईरानी पर लगाए गए आरोपों को दोहराते हुए उसने लिखा गया है कि दुर्घटना के बाद स्मृति ने मदद के लिए कोई खास प्रयास नहीं किए, यहां तक कि उसके परिवार के हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ाने पर भी उन्होंने कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी। पत्र में लिखा है कि उन्होंने इस बात से भी इनकार कर दिया की वह गाड़ी उनके काफिले का हिस्सा है। मुझ पर उस गाड़ी का नंबर FIR में लिखने को कहा गया जिसे मैंने कभी देखा ही नहीं- पत्र में अभषेक ने लिखा है कि उसका परिवार एक अनिश्चकालीन नाटक झेल रहा है क्योंकि अब तक ईरानी के खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लिया गया है।

क्या कह रही है पुलिस? 9 मार्च को लिखे पत्र में लगाए गए आरोपों के बारे में डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस और मंथ थाना के क्षेत्राधिकारी जनक सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि किसी ने भी डॉक्टर के बेटे पर कार का नंबर लिखे जाने के लिए दबाव नहीं डाला था। उसी ने दिल्ली रजिस्टर्ड कार का नंबर कंप्लेंट में दिया था। हालांकि यह पूछे जाने पर कि क्या पुलिस ने वह वाहन अभिषेक को दिखाया था जिसका कि एफआईआर में जिक्र किया गया है? जनक सिंह ने कोई भी सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया।

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