Sunday , July 22 2018

स्वयंसेवकों के साथ सैनिकों की तुलना नहीं की : आरएसएस

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों की तुलना सेना से नहीं की थी और उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने अपने बयान में कहा कि सरसंघचालक मोहन भागवत के बिहार स्थित मुजफ्फरपुर में दिए गए वक्तव्य को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि भागवत जी ने कहा था कि परिस्थिति आने पर तथा संविधान द्वारा मान्य होने पर भारतीय सेना को सामान्य समाज को तैयार करने के लिये छह महीने का समय लगेगा तो संघ के स्वयंसेवकों को भारतीय सेना 3 दिन में तैयार कर सकेगी। इसका कारण यह है कि स्वयंसेवकों को अनुशासन का अभ्यास रहता है।

वैद्य ने कहा, ‘‘यह सेना के साथ तुलना नहीं थी, पर सामान्य समाज और स्वयंसेवकों के बीच में थी। दोनों को भारतीय सेना को ही तैयार करना होगा।’’ अगरतला में भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा कि भागवत ने संगठन की तत्परता को रेखांकित करने के लिये कोई बयान दिया होगा। आरएसएस के स्वयंसेवक होने के कारण वे जानते हैं कि सेना के बलिदान एवं पराक्रम के प्रति संगठन के मन में अपार आदर का भाव है। भागवत के बयान के बारे में पूछे जाने पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि उन्होंने इसके बारे में सोशल मीडिया से सुना है और पूरी जानकारी के बाद ही कुछ बोलेंगे।
गृह मंत्री किरेन रिजिजू का भगत का बचाव करते हुए ट्वीट किया कि आरएसएस प्रमुख ने “केवल एक व्यक्ति को एक प्रशिक्षित सैनिक होने के लिए 6-7 महीने लगते हैं”, और यदि संविधान की अनुमति देता है, तो आरएसएस के कार्यकर्ताओं में “योगदान करने की क्षमता” है। उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला किया।
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