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स्वामी के ख़िलाफ़ दफ़ा 121/A या मुसलमानों से भी इंसाफ़ किया जाये: एम बी टी

कमला नंद स्वामी की गिरफ़्तारी पर मजलिस बचाव‌ तहरीक ने अपना रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा कि स्वामी के ख़िलाफ़ जो दफ़आत लगाए गए हैं वो उसे सज़ा नहीं बल्के बचाने की कोशिशें है ।

कमला नंद स्वामी की गिरफ़्तारी पर मजलिस बचाव‌ तहरीक ने अपना रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा कि स्वामी के ख़िलाफ़ जो दफ़आत लगाए गए हैं वो उसे सज़ा नहीं बल्के बचाने की कोशिशें है ।

सदर आदम मुलिक और तर्जुमान मजीद उल्लाह ख़ान फ़र्हत ने इस गिरफ़्तारी पर रद्द-ए-अमल करते हुए दफ़आत पर अदम इतमीनान का इज़हार किया और कहा कि स्वामी कमला नंद भारती के ख़िलाफ़ दफ़ा 153A के तहत मुक़द्दमा दर्ज करना हुकूमत के क़ानूनी एजैंसीयों के इमतियाज़ी सुलूक का एहसास दिलाता है ।

उन्हों ने मुतालिबा किया और कहा कि अगर हुकूमत वाक़ई एसी ताक़तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई केलिए संजीदा है और अपने सेक्युलर किरदार को ज़ाहिर करना चाहती है तो वो स्वामी के ख़िलाफ़ दफ़ा 121/A के तहत मुक़द्दमा दर्ज करे चूँके स्वामी की तक़रीर के जुमले एसे हैं जिस से मुल्क में फूट पड़ने और मुल्क से ग़द्दारी का इज़हार होता है।

फ़र्हत उल्लाह ख़ान ने मुतालिबा किया कि स्वामी पर दफ़ा 121/A के तहत मुक़द्दमा दर्ज किया जाये या फिर एसे तमाम मुसलमानों के ख़िलाफ़ आइद दफ़ा 121/A को वापिस ले लिया जाये जो मुख़्तलिफ़ इल्ज़ामात के तहत दर्ज किए गए हैं । उन्हों ने स्वामी की गिरफ़्तारी को एम बी टी की अहम कामयाबी क़रार दिया ।

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