स्वामी चिन्मयानंद पर रेप की धारा न लगने पर आंदोलन करेंगे महिला संगठन

स्वामी चिन्मयानंद पर रेप की धारा न लगने पर आंदोलन करेंगे महिला संगठन

चिन्मयानंद प्रकरण में सोमवार को महिला संगठनों ने एकजुट होकर पुलिस और प्रशासन की ओर से बरती गई लापरवाही की निंदा की। महिला संगठनों ने कहा कि अगर सख्ती नहीं बरती गई तो कानूनी लड़ाई के साथ-साथ आंदोलन भी करेंगे।

साझी दुनिया की अध्यक्ष प्रो. रूपरेखा वर्मा ने कहा कि आखिर क्या वजह है जो पुलिस ने चिन्मयानंद पर रेप की धारा के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया? उन्होंने कहा कि मामला अदालत में जाने से पहले ही पुलिस ने मान लिया है कि रेप जैसा संगीन अपराध नहीं किया गया है।

रूपरेखा वर्मा ने कहा कि लगता है कि सरकार के लिए स्त्रियों के खिलाफ हो रहे अपराध कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर चिन्मयानंद पर अब भी सख्त कारवाई नहीं हुई तो सभी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और आंदोलन करेंगे।

इस मामले पर आली की कार्यकारी निदेशक और वकील रेणु मिश्रा ने कहा कि मामले में पुलिस ने कई कानूनी कोताहियां बरतीं हैं। पुलिस ने पीड़िता के मेडिकल और गिरफ्तारी में देरी की, जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि अगर कोई महिला रेप की शिकायत दर्ज कराए तो तुरंत कार्रवाई की जाए। पुलिस ने रेप के अलावा ब्लैकमेलिंग की धारा भी आरोपी पर नहीं लगाई है। रेणु मिश्रा ने कहा कि पीड़िता ने बताया है कि उसका बयान भी ठीक से नहीं लिया गया है। इस अवसर पर एडवा की मधु गर्ग, एपवा की ताहिरा हसन, महिला फेडरेशन की आशा मिश्रा ने भी अपने विचार रखे।

 

Top Stories