Saturday , December 16 2017

सड़क के ज़रिए चुनाव की तैयारी में अखिलेश

फैसल फरीद, लखनऊ: चुनावी मौसम कहें या अपने चाचा शिवपाल यादव का हटना, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अब अपना सारा ध्यान लोक निर्माण विभाग पर लगा दिया है। सड़क अब उनके प्राथमिकता में आ गई हैं। कल साल 2016-2017 का दूसरा अंतरिम बजट पेश करते हुए उन्होंने लगभग 60 फीसदी रकम सडकों पर खर्च करने का एलान कर दिया। बजट की कुल रकम 1683.11 करोड़ रुपये हैं।

इस कदम से दो संदेश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। पहला शिवपाल यादव जब लोक निर्माण विभाग देखते थे तो उनकी यही शिकायत रहती थी कि अधिकारी काम नहीं करते हैं। हालांकि उन्होंने दावा किया है कि काम बहुत किया हैं। लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता देकर अखिलेश ने संदेश दे दिया है कि अब काम होगा, भले मंत्री रहे या न रहें। मुख्यमंत्री ने अभी विभाग अपने पास रखा हुआ हैं। ये बात अलग है कि अब समय बहुत कम बचा हैं।

दूसरा संदेश उन्होंने ये दिया है कि वो अब चुनाव में जा रहे हैं। उनके पास दिखने और भाषण में बोलने के लिए बहुत कुछ हैं। वो अक्सर कहते है कि समाजवादियों ने कर दिखाया। इस वजह से उनका जोर ऐसे प्रोजेक्ट्स पर है जिसको वे प्रेजेंट कर सके। उनकी टैगलाइन काम बोलता हैं। पहले ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का वे उदघाटन कर चुके हैं। वही गुरूवार को वे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करने जा रहे हैं।

पहली सड़क 302 किलोमीटर और दूसरी 353 किलोमीटर लम्बी होगी। इसके बन जाने से पूर्वांचल भी लखनऊ से डायरेक्ट जुड़ जाएगा। ज़ाहिर-सी बात है कि सड़क विकास अखिलेश के विकास के एजेंडे में पहले पायदान पर रहा है। वो अक्सर कहते हैं कि अगर आप स्पीड डबल कर दे तो इकॉनमी ट्रिपल हो जाएगी। सड़कों पर जोर देकर वो एक बात साबित करना चाहते हैं कि प्रदेश का विकास ही मुख्या मुद्दा रहेगा। काम अगर पूरे न भी हो पाए तो भी वो ये दावा कर सकते हैं कि प्रोजेक्ट उनके कार्यकाल का हैं। चुनावी मौसम में अखिलेश ने सड़क को मुख्य जरिया चुना है, दोबारा सत्ता पर काबिज़ होने के लिए। हालांकि पिछले 27 साल में कोई पार्टी दोबारा सत्ता में नहीं लौटी हैं।

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