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हकूमत-ए-हिन्द ने मुझे वीज़ा नहीं दिया : यवान रीडली

हैदराबाद 14 जनवरी : एवार्ड याफ़ता बर्तानवी सहीफ़ा निगार यवान रीडली ने जो जमात-ए-इस्लामी हिंद के ज़ेर-ए‍एहतेमाम पिछ्ले रोज़ हैदराबाद में मुनाक़िदा बाहार इस्लाम कांफ्रेंस से ख़िताब के लिए मवाव की गई थीं आज दावा किया कि हकूमत-ए-हिन्द ने उ

हैदराबाद 14 जनवरी : एवार्ड याफ़ता बर्तानवी सहीफ़ा निगार यवान रीडली ने जो जमात-ए-इस्लामी हिंद के ज़ेर-ए‍एहतेमाम पिछ्ले रोज़ हैदराबाद में मुनाक़िदा बाहार इस्लाम कांफ्रेंस से ख़िताब के लिए मवाव की गई थीं आज दावा किया कि हकूमत-ए-हिन्द ने उन्हें वीज़ा देने से इनकार कर दिया था जिस के नतीजे में वो बाहार इस्लाम कांफ्रेंस से ख़िताब के लिए हैदराबाद नहीं पहुंच सकीं ।

फेसबुक के अपने सफ़ा पर पोस्ट करदा एक तहरीर में रीडली ने इल्ज़ाम आइद किया कि दिल्ली इजतिमाई इस्मत रेज़ि के घनाव‌ने वाक़िये के बावजूद हिन्दुस्तान सियासतदानों का एहसास बेदार नहीं हुआ है ।
उन्हों ने कहा कि हैदराबाद में 50,000 ख़वातीन से हुक़ूक़ ख़वातीन पर ख़िताब के लिए मुझे दी गई दावत के बावजूद हिन्दुस्तानी हुकूमत ने वीज़ा नहीं दिया ।

रीडली ने मज़ीद लिखा कि दिल्ली इस्मत रेज़ि वाक़िये से गुज़रने के बाद मेरा ख़्याल था कि हिन्दुस्तानी सियासतदां ख़वातीन के मसले पर मज़ीद हस्सास होंगे लेकिन अब ये मालूम होता है कि एसा नहीं हुआ है ।

हम ख़वातीन को मुसलसल नजरअंदाज़ किया जा रहा है और हमारे साथ दूसरे दर्जा के शहरीयों जैसा सुलूक किया जा रहा है । यहां ये बात काबिल-ए-ज़िकर है कि यवान रीडली 2001 के दौरान खु़फ़ीया सरगर्मीयों के लिए बहैसीयत जासूसी अफ़्ग़ानिस्तान रवाना हुई थीं और तालिबान की सरगर्मीयों का पता चलाते हुए पकड़ कर यरग़माल बनालिया गया । इस मुद्दत में इस्लामी तालीमात पर तालिबान के अमल से मुतास्सिर हो कर वो मुशर्रफ़ बह इस्लाम होगई थीं जिन्हें 2003 में रहा कर दिया गया था ।

जमात-ए-इस्लामी हिंद के हैदराबाद इंचार्ज सय्यद इक़बाल रिज़वी ने कहा कि यहां बाहार इस्लाम कांफ्रेंस के मुख़्तलिफ़ इजलासों में रीडली का ख़िताब मुक़र्रर था लेकिन वीज़ा ना मिलने के सबब वो अगरचे हैदराबाद नहीं पहुंच सकीं लेकिन सहीफ़ा निगारों के इजलास से उन्हों ने वीडीयो कान्फ़्रैंसिंग के ज़रीये ख़िताब किया । रीडली ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि ज़्यादा से ज़्यादा मुस्लिम लड़के और लड़कीयां ज़राए इबलाग़ से वाबस्ता होजाएं क्योंकि इस्लाम के इख़लास के पैग़ाम को आम करने का ये एक ताक़तवर ज़रीया है ।

रिज़वी ने कहा कि इस कांफ्रेंस में 75,000 मर्द-ओ-ख़वातीन ने शिरकत की । तक़रीबन 60 मुक़र्ररीन ने इस्लाम के मुख़्तलिफ़ मौज़ूआत पर ख़िताब किया जिन में मीडीया के सर गर्दा नुमाइंदे यूनीवर्सिटीयों के प्रोफेसर्स सियास्तदान मुख़्तलिफ़ ग़ैर सयासी तंज़ीमों के नुमाइंदे भी शामिल हैं।

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