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हज़बल्लाह ने कहा कि लेबनान के प्रधानमंत्री का इस्तीफा सऊदी अरब द्वारा लिया गया निर्णय था

बेरुत : लेबनान के शीया हिजबुल्लाह आंदोलन के प्रमुख हसन नसरल्ला ने रविवार को कहा कि देश के प्रमुख साद हरीरी का पिछले दिन का इस्तीफा सऊदी अरब द्वारा लिया गया निर्णय था। हसन नासरला ने टेलिविज़न के एक बयान में कहा यह स्पष्ट है कि इस्तीफा एक सऊदी निर्णय था जो कि प्रधान मंत्री हरिरी पर लगाया गया था। यह उनकी इच्छा नहीं थी, न ही उनकी इच्छा थी, बल्कि उनका फैसला पद छोड़ने के लिए भी नहीं था। उन्होंने देश पर हिजबुल्लाह सहयोगी ईरान की पकड़ का हवाला दिया, और यह भी कहा कि वह डर गये थे उन्हें जान का खतरा था।

गौरतलब है कि लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी ने सऊदी अरब की अपनी यात्रा के दौरान अपने जीवन को खतरा बताते हुए अप्रत्याशित रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस कदम से पहले से ही राजनीतिक रूप से समस्याओं को सामना कर रहा देश नेतृत्वहीन हो गया है. सीएनएन के मुताबिक, शनिवार रात रियाद से टेलीविजन पर प्रसारित हुए एक संबोधन में हरीरी ने कहा कि उन्हें अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का अंदेशा है. उन्होंने साथ ही ईरान पर क्षेत्र में दखल देने का आरोप लगाया, जिसके कारण तबाही और अराजकता फैल रही है. हरीरी ने कहा, ईरान क्षेत्र में और सीरिया व इराक दोनों के फैसलों को नियंत्रित करता है.

बता दें कि देश सुन्नी मुस्लिम हरीरी के नेतृत्व वाले सऊदी अरब के वफादार गुट और हिज्बुल्ला के नेतृत्व वाले ईरान के प्रति वफादार गुट में बंटा हुआ है। हरीरी के इस्तीफे से देश में तनाव बढ़ने की आशंका है। देश में इस समय उसी तरह का माहौल है जैसा उनके पिता दिवंगत प्रधानमंत्री रफीक हरीरी के सामने मौजूद था। उनके पिता की 2005 में हत्या कर दी गई थी। हरीरी ने कहा, मैं ईरान और उसके समर्थकों को यह बताना चाहता हूं कि वह अरब देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश में सफल नहीं हो पाएगा.

इसके जवाब में ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अमेरिका और सऊदी अरब पर इस्तीफे की योजना बनाने का आरोप लगाया. ईरान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी हुसैन शेखउस्लाम ने फार्स न्यूज एजेंसी को बताया कि हरीरी का इस्तीफा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी अरब के मोहम्मद बिन सलमान के साथ समन्वय की वजह से हैं.

सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अपने भाषण में एक सुन्नी राजनेता हरीरी ने लेबनान में ईरान समर्थित शिया चरमपंथी समूह हिजबुल्ला का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले दशकों में दुर्भाग्य से हिजबुल्ला लेबनान में हथियारों के बल पर अपना प्रभाव जमाने में सफल रहा है. हिजबुल्ला से संबद्ध लेबनान के राष्ट्रपति मिशेल आउन ने इस्तीफे को लेकर हरीरी का फोन आने की पुष्टि की है.

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