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हज़ कोटा के तमाम दरख्वास्त मंज़ूर

रांची 15 मई : मर्क़जी हज कमेटी ने हज़ 2013 के लिए रियासत के आजमीन हज़ की तादाद में इजाफा किया है। पहले की मुकाबले में 431 अज़ाफी आजमीन हज़ पर जा सकेंगे। आजमीन खर्च में मुसलसल बढ़ोतरी के बावजूद झारखण्ड से जाने वाले हज़ आजमीन की तादाद में हर

रांची 15 मई : मर्क़जी हज कमेटी ने हज़ 2013 के लिए रियासत के आजमीन हज़ की तादाद में इजाफा किया है। पहले की मुकाबले में 431 अज़ाफी आजमीन हज़ पर जा सकेंगे। आजमीन खर्च में मुसलसल बढ़ोतरी के बावजूद झारखण्ड से जाने वाले हज़ आजमीन की तादाद में हर साल इजाफा हो रहा है।

पिछले साल यहाँ से 3261 आजमीन-ए-हज़ रवाना हुए थे, वहीँ 2013 में 3461 लोग हज़ पे जायेंगे। जिन आजमीन-ए-हज़ ने दरख्वास्त दिया है, वे सभी हज़ पर जा सकेंगे। मर्क़जी हज़ कमेटी ने आजमीन-ए-हज़ की पहली क़िस्त के तौर पर 76 हज़ार रुपए 20 मई तक जमा करने को कहा है। तमाम जरूरी मालूमात, जायरीन के कवर हेड को एसएमएस से दी जा रही है।

साल 2013 से पहले रियासत का ओरिजिनल कोटा 3213 था। लेकिन बंगाल, असम और बिहार का कोटा नहीं भरने की वजह इस बार 431 सीटें बढाई गई है। इस बार झारखण्ड का टोटल कोटा 3644 है, जबकि दरख्वास्त 3461 ही आये हैं। ऐसे में तमाम लोग हज़ पर जा सकेंगे।

लौटरी से होगा खादेमुल हुजाज़ का सेलेक्शन

सितम्बर में आजमीन-ए-हज़ का जत्था रवां होने वाला है। इनके खिदमत में जाने वाले खादेमुल हुजाज़ अभी नहीं चुने गए हैं। तीन सौ आजमीन पर एक खादेमुल हुजाज़ रहते हैं। रियासत से इस बार 11 लोगों का सेलेक्शन होना है। रियासत हज कमेटी के सदर हाजी हुसैन अंसारी ने कहा लौटरी के जरिये खादेमुल हुजाज़ जल्द ही चुने जायेंगे।

बीएसटी के लिए भी नहीं गई टीम
झारखण्ड के आजमीन-ए-हज़ किस बिल्डिंग में रहेंगे, इसके लिए रियासत से इस बार भी बीएसटी (बिल्डिंग सेलेक्शन टीम) नहीं जा पाई। यह सिलसिला तीन सालो से जरी है। दुसरे रियासतों से एक सख्स सऊदी अरब जाकर आजमीन के ठहरने की जगह का जायज़ा लेता है। मगर झारखण्ड से टीम अभी तक नहीं जा सकी है।

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