Thursday , December 14 2017

हज के मौक़ा पर सयासी सरगर्मियों की हरगिज़ इजाज़त नहीं

सऊदी हुकूमत ने ख़बरदार किया है कि माज़ी की तरह इस साल भी हज के मौक़ा पर किसी किस्म की सयासी सरगर्मी की इजाज़त नहीं दी जाएगी और मनासिक हज के सिवा किसी भी दूसरी सरगर्मी या क़ानून की ख़िलाफ़वर्ज़ी पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

सऊदी हुकूमत ने ख़बरदार किया है कि माज़ी की तरह इस साल भी हज के मौक़ा पर किसी किस्म की सयासी सरगर्मी की इजाज़त नहीं दी जाएगी और मनासिक हज के सिवा किसी भी दूसरी सरगर्मी या क़ानून की ख़िलाफ़वर्ज़ी पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

इन ख़्यालात का इज़हार वज़ीर बराए उमूर हज ने हज कमीशन्ज़ के हुक्काम के एक आला सतह के इजलास से ख़िताब में किया। उन्हों ने इजलास में हज के हवाले से एक नए ज़ाब्ता अख़लाक़ की भी मंज़ूरी दी और मुल्क भर के तमाम हज दफ़्तरों को इस बात का पाबंद बनाया कि वो बैरून मुल्क से आने वाले आज़मीने हज की हर मुमकिन ख़िदमत के साथ उन की ख़िलाफ़े ज़ाबिता नक़्ले हरकत पर भी नज़र रखें।

अल्लाह के घर की ज़्यारत के लिए आने वालों के लिए ये बात मुनासिब नहीं कि वो गै़रज़रूरी मशाग़ुल से अपने अज़ीम फ़रीज़े के सवाब को ज़ाए कर दें।

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