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हज कैंप नामपल्ली में रखा जाएगा , सदर नशीन हज कमेटी का ऐलान

हज 2012 के लिये हज कैंप नामपल्ली में वक़्य हज हाउज़ की इमारत में ही रखा जाएगा । सदर नशीन रियासती हज कमेटी जनाब सय्यद खलील अलुद्दीन अहमद ने आज सदर नशीन आंधरा प्रदेश रियासती वक़्फ़ बोर्ड मौलाना ग़ुलाम सय्यद अफ़ज़ल ब्याबानी ख़ुसरो पाशाह

हज 2012 के लिये हज कैंप नामपल्ली में वक़्य हज हाउज़ की इमारत में ही रखा जाएगा । सदर नशीन रियासती हज कमेटी जनाब सय्यद खलील अलुद्दीन अहमद ने आज सदर नशीन आंधरा प्रदेश रियासती वक़्फ़ बोर्ड मौलाना ग़ुलाम सय्यद अफ़ज़ल ब्याबानी ख़ुसरो पाशाह से मुलाक़ात के बाद ये बात बताई ।
उन्हों ने बताया कि तमाम नकात का जायज़ा लेने के बाद सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड से मुलाक़ात करते हुए नुमाइंदगी(अनुरोध/हुकुम) का फैसला कियागया था ताकि हज हाउज़ से मुत्तसिल अराज़ी(खरीब की संपत्ति) पर मौजूद तामीरी एशिया-ए-और मुख़्तलिफ़(अन्य) मंज़िलों पर मौजूद दफ़ातिर को हवाले करदा कमरों को ख़ाली करवाया जा सके । सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड से मुलाक़ात के दौरान इन मौज़ूआत पर गुफ़्तगु (बात चीत)के बाद इस बात का क़तई फैसला करलिया गया है कि हज 2012 का हज कैंप हज हाउज़ में ही मुनाक़िद होगा ।
जनाब सय्यद खलील अलुद्दीन अहमद ने बताया कि वज़ीर अखिल्लति बहबूद जनाब मुहम्मद अहमद उल्लाह की उमरा से वापसी के बाद हज कैंप के इंतिज़ामात का तफ़सीली जायज़ा लिया जाएगा । उन्हों ने बताया कि शम्शाबाद‌ पर नए हज हाउज़ की तामीर के मुताल्लिक़ हुकूमत की जानिब से मनज़ोरा 12.5 करोड़ में से 3 करोड़ की रक़म महिकमा इमारात-ओ-शवारा को जारी करदी गई है । जनाब सय्यद खलील अलुद्दीन अहमद के बमूजब शम्शाबाद‌ पर हज हाइज़ के लिये अराज़ी(संपत्ति) की निशानदेही का अमल जारी है । वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से अराज़ी की निशानदेही का अमल मुकम्मल कर लिए जाने के फ़ौरी बाद तामीरी कामों का आग़ाज़(शुरुवात) होजाएगा।
सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड मौलाना ग़ुलाम सय्यद अफ़ज़ल ब्याबानी ख़ुसरो पाशाह ने बताया कि वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से हज कैंप के लिये हर मुम्किना इक़दामात किए जाएंगे । उन्हों ने वाज़िह कहा कि जिन इदारों को हज हाइज़ की इमारत में जगह फ़राहम की(दी) गई है उन्हें इस शर्त पर ही जगह हवाले की गई थी कि वो हज कैंप के दौरान हज कमेटी को वो जगह वापिस करदें । आंधरा प्रदेश रियासती हज कमेटी जो गुज़िश्ता (बीते)कई दिनों से पस-ओ-पेश में थी कि हज कैंप का इनेक़ाद कहां अमल में लाया जाय । ये मसला अब ख़तम‌ होचुका है । वज़ीर अख्लेती बहबूद की वापसी के बाद इंतिज़ामात का जायज़ा लेते हुए तमाम मुताल्लिक़ा मह्कमाजात को भी इस बात से वाक़िफ़ करवा दिया जाएगा

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