Tuesday , February 20 2018

हज कैंम्प के मुख़्तलिफ़ कामों के लिये टेंडर्स‌ की मंज़ूरी , बजट की अदम मंज़ूरी

असेम्बली बजट इजलास से क़बल फ़ंड की इजराई ना मुम्किन , वक़्फ़ बोर्ड के हुक्काम महिकमा फाइनेंस‌ के चक्कर लगाने पर मजबूर

असेम्बली बजट इजलास से क़बल फ़ंड की इजराई ना मुम्किन , वक़्फ़ बोर्ड के हुक्काम महिकमा फाइनेंस‌ के चक्कर लगाने पर मजबूर

हज कमेटी की जानिब से हज सीज़न 2014 के हज कैंम्प की तैयारीयों के सिलसिले में मुख़्तलिफ़ कामों के टेंडर्स‌ को मंज़ूरी दी गई। ताहम कमेटी को हुकूमत की जानिब से बजट की इजराई का इंतेज़ार है। डिप्टी चीफ मिनिस्टर मुहम्मद महमूद अली ने ऐलान किया कि हुकूमत वक़्फ़ बोर्ड का दो करोड़ रुपये का बजट एक ही वक़्त में जारी करदेगी ताकि हज कैंम्प के इंतेज़ामात में सहूलत हो लेकिन रियासती बजट की असेम्बली में मंज़ूरी तक ये मुम्किन नहीं है।

तेलंगाना असेम्बली का बजट इजलास अक्तूबर में मुनाक़िद होगा जिस में बजट को मंज़ूरी दी जाएगी। इसी दौरान हज कमेटी गुज़िश्ता मालीयाती साल के बजट से 50 लाख रुपये से महरूम होचुकी है। गुज़िश्ता साल हुकूमत ने कमेटी केलिए दो करोड़ रुपये का बजट मुख़तस किया था।

तीन अक़सात में फी कस 50 लाख रुपये जारी किए गए। इस तरह एक करोड़ 50 लाख रुपये ही जारी किए गए जबकि आख़िरी क़िस्त जारी नहीं की गई । तेलंगाना रियासत की तशकील के बाद हुकूमत ने अली अलहसाब बजट के तौर पर 27 लाख 50 हज़ार को मंज़ूरी दी। अभी तक महिकमा फाइनेंस‌ से ये रक़म जारी नहीं की गई।

बताया जाता है कि हज कमेटी ने हुकूमत से दरख़ास्त की है कि हज कैंम्प के इंतेज़ामात के सिलसिले में मुकम्मल बजट एक ही वक़्त में जारी करदिया जाये । उबूरी तौर पर मंज़ूर की गई रक़म की इजराई के सिलसिले में वक़्फ़ बोर्ड के हुक्काम महिकमा फाइनेंस‌ के चक्कर काट रहे हैं। मालियाती साल 2014-15 में तेलंगाना हुकूमत की जानिब से हज कमेटी के बजट की मंज़ूरी के बाद उबूरी तौर पर मनज़ोरा रक़म का मुकम्मल बजट में शुमार किया जाएगा।

अब देखना ये है कि हज कैंम्प के इख़तेताम से क़बल किया तेलंगाना हुकूमत मुकम्मल बजट जारी करदेगी ? इसी दौरान आंध्र प्रदेश हुकूमत ने हज कमेटी केलिए उबूरी तौर पर 43 लाख रुपये मंज़ूर किए हैं लेकिन ये रक़म अभी तक हज कमेटी के अकाउंट में नहीं पहुंची। हज कमेटी के पास 44 लाख रुपये पी डी अकाउंट में मौजूद हैं लेकिन रियासत की तक़सीम के बाद से तमाम इदारों के पी डी अकाउंट्स मुंजमिद कर दिए गए।

इस तरह हज कमेटी का पी डी अकाउंट भी मुंजमिद है और हुकूमत की जानिब से अकाउंट के इस्तेमाल की इजाज़त के बाद ही इस रक़म का इस्तेमाल किया जाता है। इस के अलावा हज कमेटी के दूसरे अकाउंट में तकरीबन 12 लाख रुपये मौजूद हैं जो रोज़मर्रा के अख़राजात पर ख़र्च किए जा रहे हैं।

आज़मीने हज से फ़ार्म के फी कस 300 रुपये वसूल किए जाते हैं जिस में रियासती हज कमेटी को 50 फ़ीसद हिस्सा दिया जाता है जबकि 50 फ़ीसद सैंटर्ल हज कमेटी का शेअर होता है। बताया जाता है कि हर हज कैंम्प पर मजमूई ख़र्च 70 ता 80 लाख के दरमियान होता है जिस में आज़मीने हज के ताम पर 30 ता 40 लाख और स्पलाईइंग कंपनी के अख़राजात पर तकरीबन 8 लाख रुपये ख़र्च किए जाते हैं। इस के अलावा मेंटेनेंस , आज़मीने हज केलिए आर टी सी बसों की फ़राहमी और दीगर अख़राजात की पा बजाई की जाती है।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश हुकूमत की जानिब से उबूरी तौर पर मनज़ोरा बजट की अदम इजराई के सबब फ़िलवक़्त हज कमेटी के पास हज कैंम्प के इनीक़ाद केलिए दरकार बजट मौजूद नहीं। चूँकि टेंडर्स‌ की रक़म हज कैंम्प के बाद अदा की जाती है लिहाज़ा उस वक़्त तक इमकान है कि हुकूमत बजट जारी करदेगी।

आज़मीने हज को हज कैंम्प से शमशाबाद‌ इंटरनेशनल ए रिपोर्ट मुंतक़िल करने केलिए फ़्लाईट के मुसाफ़रेन की तादाद के हिसाब से रोज़ाना 11 ता 13 बसों का इंतेज़ाम किया जाता है।

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