Wednesday , December 13 2017

हज नीति 2018-22 : हज उड़ानों के लिए वैश्विक निविदा प्रक्रिया के विकल्प को लेकर सऊदी सरकार से बातचीत की जाए

नई दिल्ली : हज नीति 2018-22 तैयार करने के लिए गठित समिति ने यह भी सुझाव दिया कि हज के लिए उड़ानों के लिए वैश्विक निविदा प्रक्रिया के विकल्प को लेकर सऊदी अरब सरकार से बातचीत की जाए। समिति ने इस बात का भी संज्ञान लिया है कि हज यात्रियों को लेकर जाने वाले विमान वापसी में खाली आते हैं। समिति का कहना है, दोनों मंत्रालयों के लिए उचित होगा कि वे खाली आने वाले विमानों के वाणिज्यिक इस्तेमाल की संभावना तलाशें। इससे हज यात्रा का लागत में कमी आएगी।

समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि विमानों में परोसे जाने वाला भोजन बिना मसाले का होना चाहिए और हज यात्रियों को उनके क्षेत्र के हिसाब से भोजन परोसा जाना चाहिए। खाना बेहद साफ-सफाई से बनाया और पैक किया जाए।

खाने की गुणवत्ता का भी औचक निरीक्षण किया जाना चाहिए। इसके अलावा जेद्दा या मदीना में उतरने वाले प्रत्येक हज यात्री को आवश्यक रूप से खाने का एक अतिरिक्त पैकेट और पानी की बोतल भी दी जानी चाहिए। एयरलाइंस के कर्मचारियों को हज यात्रियों से व्यवहार का औपचारिक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

साथ ही चार्टर फ्लाइट के चालक दल के सदस्यों को कम से कम दो भारतीय भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए। बता दें कि समिति ने शनिवार को ही मुंबई में अपनी रिपोर्ट अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को सौंपी है।

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