हज यात्रा का किराया 15 फीसद तक हो सकता है सस्ता !

हज यात्रा का किराया 15 फीसद तक हो सकता है सस्ता !

एक बार फिर एयर इंडिया को देश के सवा लाख आजमीनों को हज यात्रा पर ले जाने की जिम्मेदारी मिलेगी। पिछले दस साल से चली आ रही सऊदी अरेबियन एयरलाइंस का हज यातायात के क्षेत्र में एकाधिकार वर्ष 2019 में खत्म हो गया। आजमीनों को सऊदी अरब ले जाने व लाने के लिए इसबार एयर इंडिया ने सऊदी एयरलाइंस से कम रेट में टेंडर डाला है। रेट कम होने की वजह से एयर इंडिया का टेंडर मिलना तय है। ऐसा होने पर हज यात्रा का किराया करीब 15 फीसद तक सस्ता होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसका सीधा फायदा प्रदेश के 30 हजार सहित देश के देश के 1.25 लाख आजमीनों को मिलेगा।

इस संबंध में सेंट्रल हज कमेटी ऑफ इंडिया के सदस्य डॉ. इफ्तेखार जावेद ने बताया कि कई चरणों में टेंडर प्रक्रिया पूरी होती है। यह सही है कि इसबार एयर इंडिया ने सऊदी एयरलाइंस से कम कीमत पर टेंडर डाला है, लेकिन अभी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अगर आने वाले समय में एयर इंडिया को हज आजमीनों को ले जाने व लाने की जिम्मेदारी मिलती है तो पिछले वर्ष के मुकाबले हवाई जहाज का किराया सस्ता होने की उम्मीद है।

प्रति व्यक्ति 11620 रुपये का फर्क 

देश के 31 एंबारकेशन प्वाइंट से यात्रियों को सऊदी अरब भेजा जाता है। इसमें उप्र के लखनऊ, दिल्ली व वाराणसी हवाई अड्डे शामिल है। टेंडर में एयर इंडिया ने देश के सभी 31 एंबारकेशन प्वाइंट से आजमीनों को सऊदी अरब ले जाने और लाने के लिए अलग-अलग रेट दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक लखनऊ से एयरइंडिया ने 914 डॉलर प्रति आजमीन का रेट दिया है, जबकि सऊदी एयरलाइंस ने 1080 डॉलर का।

सऊदी एयरलाइंस के रेट के मुकाबले एयर इंडिया का 166 डॉलर कम है। इन 166 को यदि भारतीय मुद्रा में कंवर्ट किया जाए तो 11620 रुपये (एक डॉलर बराबर 70 रुपये) होते हैं। यानी एयर इंडिया ने प्रति व्यक्ति 11620 रुपये कम का टेंडर डाला है। जबकि, वर्ष 2018 में लखनऊ एंबारकेशन से जाने वाले आजमीनों को करीब 80 हजार रुपये किराए के रूप में देने पड़े थे। पहले ङ्क्षहदुस्तान से पानी के जहाज से आजमीनों को हज यात्रा पर भेजा जाता था। फिर केंद्र सरकार ने वर्ष 1994 में पानी के जहाज से हज जाने की सुविधा खत्म कर दी थी।

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