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हज हाउज़ में दो लिफ्ट्स बंद अवाम को मुश्किलात

हैदराबाद । १५। अगस्त : ( सियासत न्यूज़ ) : हज हाउज़ में ख़िदमात अंजाम दे रहे दफ़ातिर के लिए पूरी इमारत में जुमला 4 लिफ्ट्स मौजूद हैं इन 4 लिफ्ट्स में 2 लिफ्ट्स गुज़श्ता ज़ाइद अज़ 20 यौम से ग़ैर कारकरद हैं और एक लिफ़्ट सिर्फ हज हाउज़ में मौ

हैदराबाद । १५। अगस्त : ( सियासत न्यूज़ ) : हज हाउज़ में ख़िदमात अंजाम दे रहे दफ़ातिर के लिए पूरी इमारत में जुमला 4 लिफ्ट्स मौजूद हैं इन 4 लिफ्ट्स में 2 लिफ्ट्स गुज़श्ता ज़ाइद अज़ 20 यौम से ग़ैर कारकरद हैं और एक लिफ़्ट सिर्फ हज हाउज़ में मौजूद दो सदूर नशीन के लिए काम करती है । सिर्फ एक लिफ़्ट अवाम के लिए काम कररही है जिस के सबब हज हाउज़ पहुंचने वालों को कई मुश्किलात का सामना करना पड़ रहा है ।

हज हाउज़ की इमारत की देख भाल आंधरा प्रदेश रियास्ती वक़्फ़ बोर्ड की ज़िम्मेदारी है लेकिन शायद वक़्फ़ बोर्ड के ज़िम्मेदारों को हज हाउज़ की इमारत के एक हिस्सा में मौजूद 2 लिफ़्ट जो बंद हैं नज़र नहीं आरही हैं या फिर वक़्फ़ बोर्ड के ज़िम्मा दारान का ये एहसास है कि सदर नशीन-ओ-अरकान के लिए मख़सूस लिफ़्ट काम कररही है तो अवाम कीतकलीफ़ से हमें क्या लेना देना ?।

हज हाउज़ की इमारत में जो दफ़ातिर ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं वो इस मसला पर बारहा तवज्जा मबज़ूल करवा चुके हैं लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगती जिस की अहम वजह ये है कि लिफ़्ट के इस मसला का रास्त ताल्लुक़ अवाम से है ।

स्कालरशिप्स‌ के दरख़ास्त दाख़िल करने या दीगर तफ़सीलात के हुसूल के लिए आंधरा प्रदेश रियास्ती अक़ल्लीयती मालीयाती कारपोरेशन के दफ़्तर पहुंचने वालों कोरास्त कारपोरेशन के दफ़्तर पहुंचने के लिए ज़ीनों का इस्तिमाल करना पड़ रहा है या फिर दूसरी लिफ़्ट का इस्तिमाल करते हुए 6 वें मंज़िल पर पहुंचने के बाद वापिस 5 वीं मंज़िलपर उतरना पड़ रहा है ।

हज हाउज़ के एक हिस्सा की दो लिफ़्ट नाकारा हो चुकी हैं और माबक़ी दो लिफ़्ट में से एक लिफ़्ट सिर्फ़ पहली और दूसरी मंज़िल तक जाती है चूँकि पहली मंज़िल पर सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड का दफ़्तर वाक़्य है जब कि दूसरी मंज़िल पर सदर नशीन हज कमेटी बिराजमान रहते हैं ।

4 लिफ्टों में पूरी तरह कारकरद एक लिफ़्ट के वज़न में तख़फ़ीफ़ की गई है जिस के सबब बैयक वक़त सिर्फ़ 6 ता 8 अफ़राद ही लिफ़्ट में सवार हो सकते हैं । अगर आंधरा प्रदेश रियास्ती वक़्फ़ बोर्ड दीगर मसरुफ़ियात के साथ हजहाइज़ की देख भाल पर भी तवज्जा मबज़ूल करे तो अवाम को दरपेश मसाइल हल हो सकते हैं ।

सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड ने इमारत की आहक पाशी के मुताल्लिक़ माह रमज़ान उल-मुबारक के आग़ाज़ से क़बल इस बात का तीक़न दिया था कि 11 साल बाद हज हाउज़ की इमारत को रंग-ओ-रोगन होगा लेकिन ताहाल हज हाउज़ में इस तरह के कोई आसार नज़र नहीं आरहे हैं ।।

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