Friday , December 15 2017

हज हाउज़ की अहमद शरीफ़ लाइब्रेरी पर तवज्जा देने का फैसला

हज हाउज़ नामपल्ली में वाक़े अहमद शरीफ़ लाइब्रेरी की ज़बूँहाली के सिलसिले में रोज़नामा सियासत में शाय शूदा ख़बर पर हुक्काम ने फ़ौरी तवज्जा मबज़ूल करने का फ़ैसला किया है।

हज हाउज़ नामपल्ली में वाक़े अहमद शरीफ़ लाइब्रेरी की ज़बूँहाली के सिलसिले में रोज़नामा सियासत में शाय शूदा ख़बर पर हुक्काम ने फ़ौरी तवज्जा मबज़ूल करने का फ़ैसला किया है।

डायरेक्टर अक़लीयती बहबूद और स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड जनाब जलाल उद्दीन अकबर ने वक़्फ़ बोर्ड के ओहदेदारों के साथ लाइब्रेरी का मुआइना किया और उस की ज़बूँहाली पर अफ़सोस का इज़हार किया।

उन्हों ने लाइब्रेरी में मौजूद क़दीम और नादिर किताबों के मुताला से अवाम को महरूम रखने पर नाराज़गी जताई। जनाब जलाल उद्दीन अकबर ने तमाम तफ़सीलात हासिल करने के बाद इस लाइब्रेरी को तरक़्क़ी देने और रिसर्च करने वाले स्कॉलर्स के लिए क़दीम और नादिर किताबों की दस्तयाबी को यक़ीनी बनाने का फ़ैसला किया है।

रज़्ज़ाक़ मंज़िल वक़्फ़ अराज़ी पर हज हाउज़ की इमारत तामीर की गई है और इस अराज़ी के मंशाए वक़्फ़ में लाइब्रेरी का क़ियाम भी शामिल है। वाज़ेह रहे कि लाइब्रेरी में सिर्फ़ एक अटेन्डर मौजूद है और मुख़्तलिफ़ ज़बानों के पाँच अख़्बारात के सिवा मुताला के लिए कुछ नहीं। लाइब्रेरी के लिए मुख़तस हॉल भी मौज़ूं नहीं है जहां लोग आसानी से नहीं पहुंच सकते। हज हाउज़ पहुंचने वाले अफ़राद को इस बात का इल्म नहीं कि इस इमारत में कोई लाइब्रेरी का वजूद भी है।

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