Thursday , December 14 2017

हदीस शरीफ

हज़रत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहो तआला अनहो से रिवायत है रसूल-ए-पाक (स०अ०व०)ने फ़रमाया जो बंदा पांच वक़्त की नमाज़ पढता है , रमजान के रोज़े रखता है , ज़कात अदा करता है ,कबीरा (बड़े ) गुनाहों से बचता है तो उस बंद के लिए जन्नत के दरवाज़े खोल द

हज़रत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहो तआला अनहो से रिवायत है रसूल-ए-पाक (स०अ०व०)ने फ़रमाया जो बंदा पांच वक़्त की नमाज़ पढता है , रमजान के रोज़े रखता है , ज़कात अदा करता है ,कबीरा (बड़े ) गुनाहों से बचता है तो उस बंद के लिए जन्नत के दरवाज़े खोल दिए जाते है और उससे कहा जता है के तू सलामती के साथ जन्नत में दाखिल होजा (निसाई)

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