Thursday , January 18 2018

हदीस शरीफ

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अनहो से रिवायत है रसूल-ए-पाक (स०अ०व०) ने फ़रमाया किसी औरत को ये जाएज़ नहीं के वो अपने शौहर की इजाज़त के बगैर रोज़ा रख्खे या बिला इजाज़त किसी दुसरे के घर में जाए या बगैर इजाज़त किसी को कुछ दे। (बुखारी

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अनहो से रिवायत है रसूल-ए-पाक (स०अ०व०) ने फ़रमाया किसी औरत को ये जाएज़ नहीं के वो अपने शौहर की इजाज़त के बगैर रोज़ा रख्खे या बिला इजाज़त किसी दुसरे के घर में जाए या बगैर इजाज़त किसी को कुछ दे। (बुखारी शरीफ)

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