Monday , December 18 2017

हदीस शरीफ

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया किसी औरत को ये जाएज़ नहीं के वो अपने शौहर की इजाज़त के बगैर रोज़ा रख्खे या बिला इजाज़त किसी दुसरे के घर में जाए या बगैर इजाज़त किसी को कुछ दे। (बुखारी शर

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया किसी औरत को ये जाएज़ नहीं के वो अपने शौहर की इजाज़त के बगैर रोज़ा रख्खे या बिला इजाज़त किसी दुसरे के घर में जाए या बगैर इजाज़त किसी को कुछ दे। (बुखारी शरीफ)

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