Monday , September 24 2018

हदीस शरीफ

हजरत अब्दुल्लाह बिन मसउद रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, हर क़र्ज़ सदका है, यानि क़र्ज़ देने का सवाब सदका देने के बराबर है। (तिरमिज़ी)

हजरत अब्दुल्लाह बिन मसउद रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, हर क़र्ज़ सदका है, यानि क़र्ज़ देने का सवाब सदका देने के बराबर है। (तिरमिज़ी)

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