Tuesday , December 12 2017

हदीस शरीफ

हजरत अबू अमामा रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया,एक आदमी जो लोगों को क़र्ज़ दिया करता था,जन्नत में दाखिल किया गया, उसने जन्नत के दरवाज़े पर लिखा देखा, सदक़े का सवाब दस गुना होता है और क़र्ज़ का सवाब अठारह

हजरत अबू अमामा रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया,एक आदमी जो लोगों को क़र्ज़ दिया करता था,जन्नत में दाखिल किया गया, उसने जन्नत के दरवाज़े पर लिखा देखा, सदक़े का सवाब दस गुना होता है और क़र्ज़ का सवाब अठारह गुना लिखा जाता है। (तिबरानी)

TOPPOPULARRECENT