Saturday , December 16 2017

हदीस शरीफ़

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अन्हा से रिवायत है के रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, लोगों के आमाल हफ्ता मे दो मर्तबा पीर और जुमेरात को अल्लाह तआला के सामने पेश होते है। अल्लाह तआला सब मुसलमान बन्दों को बख्श देता है सिवाए उस के जिसकी किसी मुसलमान भाई से अदावत हो। (मुस्लिम)

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