Monday , December 18 2017

हनमकँडा मैं जलसा सीरत उन्नबी (स्0अ0व्0) का इनइक़ाद

शोबा ख़वातीन जमात-ए-इस्लामी हिंद हनमकनडा की जानिब से रॉयल फंक्शन हाल सूबेदारी मैं जलसा सीरत सरवर आलम (स्0अस0व्0) मुनाक़िद किया गया।

शोबा ख़वातीन जमात-ए-इस्लामी हिंद हनमकनडा की जानिब से रॉयल फंक्शन हाल सूबेदारी मैं जलसा सीरत सरवर आलम (स्0अस0व्0) मुनाक़िद किया गया।

जिस की सदारत मुहतरमा नसीम सुलताना मुआविन नाज़िमा तेलंगाना व रुक्न‌ मजलिस नुमाइंदगान‍‍ व्-मुशावरती कमेटी ने कि। जबकि मेहमान ख़ुसूसी के तौरपर मुहतरमा सबीहा हैदराबाद, मदऊ थीं, नसीम सुलताना ने अपने सदारती ख़िताब में कहा कि सीरत के जलसे मुनाक़िद करने का मक़सद यही है कि आप की लाई शरीयत जो हमारे दरमयान मौजूद है इस की इत्तिबा करें और इस को तमाम इंसानियत तक पहुंचाएं।

मेहमान ख़ुसूसी सबीहा साहिबा ने इत्तिबा रसूल के उनवान पर अपने ख़्यालातको पेश किया, जबकि इशरत ने इंसानियत के अज़ीम मुहसिन के उनवान पर, फरुख् सबूराह ने आप बहैसीयत मुअल्लिम अख़लाक़, अमतूल्वह्हाज् साहिबा ने आप से मुहब्बत का तक़ाज़ा के उनवान पर जबकि आसीया तसनीम ने आप की हिक्मत इन्क़िलाब के उनवान पर तक़ारीर पेश कीं।

अमतुल्वह्हाज् की तिलावत से इस जलसा का आग़ाज़ हुआ। जबकि हमद कौसर जहां,नाअत सआदत मुइज़ साहिबा ने पेश किए, निज़ामत के फ़राइज़ नुज़हत फ़ातिमा ने अदा किए। अज़ीज़ा साहिबा ज़िलई नाज़िमा हनमकनडा के इज़हार-ए-तशक्कुर और आईशा नसरीन की दुआ पर इस जलसा का इख़तेताम अमल में आया।

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