हनीट्रैप मामलाः वायुसेना का ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह कर रहा बड़े- बड़े ख़ुलासा

हनीट्रैप मामलाः वायुसेना का ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह कर रहा बड़े- बड़े ख़ुलासा

वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी- आईएसआई के हनीट्रैप में फंसकर कई गोपनीय दस्तावेज लीक करने वाले वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को ‘महिलाओं’ से चैटिंग के दौरान उनकी नीयत पर जरा भी संदेह नहीं हुआ।

पूछताछ के दौरान, वायुसेना के इस अधिकारी ने पुलिस को बताया कि वह उन दोनों महिलाओं से कभी नहीं मिले, यहां तक कि उन्हें फेसबुक पर भी कभी ऑनलाइन नहीं देखा। दोनों का फेसबुक प्रोफाइल किरण रंधावा और महिला पटेल के नाम से बना हुआ था। इन दोनों का फेसबुक प्रोफाइल ज्यादा दिनों तक मारवाह के फ्रेंडलिस्ट में ही जुड़ा रहा। पुलिस का अनुमान है कि व्हाट्सएप मैसेंजर पर आ जाने के बाद उन्होंने फेसबुक पर बातचीत बंद कर दी और पुरानी चैटिंग को डिलीट कर दिया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘दिसंबर के बाद उनके बीच व्हा‌ट्सएप पर अधिकांश अश्लील संदेशों और आपत्तिजनक चित्रों का ही आदान-प्रदान हुआ है। मारवाह ने बताया है कि जब महिलाओं ने उनसे युद्धाभ्यासों संबंधित दस्तावेजों को भेजने का आग्रह किया तब भी उन्होंने कभी भी उनसे यह नहीं पूछा कि आखिर वे इन दस्तावेजों का क्या करेंगी।’

अधिकारी ने बताया कि यह ऐसे मामलों में पूर्व की प्रवृत्तियों से अलग घटना है जहां हनीट्रैप हो गए सेना अधिकारी और जवान इस तरह के संवेदनशील दस्तावेज मांगनेवाली ‘महिलाओं’ से उसे मांगने का उद्देश्य जरूर पूछते रहे हैं।’ अधिकारी ने कहा, ‘अमूमन पहले के जासूस बताते थे कि वे संघर्षों का अध्ययन करनेवाले शोधकर्ता हैं। लेकिन मारवाह का मामला बिल्कुल भिन्न निकला। यहां उन्होंने चित्र और दस्तावेज बिना कोई तहकीकात किए ही भेज दिया।’

उन्होंने बताया कि मारवाह ने कभी भी उन महिलाओं के प्रोफाइल के बारे में भी कुछ नहीं पूछा। अधिकारी ने कहा, ‘दूसरी ओर से चैट कर रहा व्यक्ति कभी यह नहीं बताया कि वह जासूस है, लेकिन कुछ दिनों की चैटिंग के बाद उन्होंने मारवाह का चुनौती दे डाली कि वह फेसबुक पर खुद को भारतीय वायुसेना का अधिकारी कहने के दावे को प्रमाणित करें। जवाब में मारवाह ने अपनी वर्दी वाली फोटो भेजी लेकिन महिलाओं ने कहा कि वह इससे संतुष्ट नहीं है।’

आरोप है कि तब मारवाह ने वायुसेना से संबंधित एक दस्तावेज भेजा लेकिन महिलाओं ने कहा कि वे इस तरह के और दस्तावेज देखना चाहती हैं और उस तरह की वीडियो भेजें, जैसा कि वह चाहती हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘इसके बाद से ही मारवाह ने बार-बार दस्तावेजों फोटो खींचना और उसे व्हाट्सएप पर भेजना शुरू कर दिया। इसके लिए उन्होंने वायुसेना दफ्तर के उस ‘नो-मोबाइल’ नियम को भी नजरंदाज कर दिया जो दस्तावेजों के स्थान पर लागू हैं। हालांकि वीडियो कभी भेजे नहीं जा सके।’

पुलिस ने मारवाह के तीन मोबाइल जब्त करने के साथ ही यह भी खोज निकाला है कि शुरू से कितने दस्तावेज भेजे गए। पुलिस फेसबुक से उस अकांउट का आईपी एड्रेस भी खोजने में लगी है, जिससे पहले पहल मारवाह को मैसेज भेजे गए थे। अधिकारी ने बताया कि मारवाह को आईएसआई एजेंटों की ओर से न तो कभी धन का ऑफर किया गया और न ही उन्होंने कोई राशि ली।

वीडियो चैट नहीं किया :

पूछताछ में मारवाह ने दावा किया कि उसने महिलाओं से कभी वीडियो चैट नहीं किया। उन्होंने केवल कुछ अश्लील तस्वीरों का ही आदान-प्रदान किया। उन्होंने कथित महिलाओं को बताया कि वह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में काम करते थे और वर्तमान में वह संयुक्त निदेशक (ऑपरेशन) के पद पर हैं।

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एक के बाद एक सूचनाएं मांगी :

अधिकारी ने बताया कि कुछ अश्लील तस्वीर ले लेने के बाद महिलाओं ने उनसे आगामी पैराट्रूपिंग इवेंट के बारे में विस्तृत सूचना दें। कुछ हफ्ते बाद, वे वायुसेना की तीन नई संरचनाओं- रक्षा साइबर युद्ध एजेंसी, रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी और विशेष ऑपरेशन डिवीजन- के बारे में पूछने लगीं। बाद में इसके दस्तावेज भी मांगने लगीं।

एकता-अखंडता पर खतरा :

मारवाह पर मामला दर्ज करानेवाले स्टेशन सुरक्षा अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर रुपिंदर सिंह ने दावा किया है कि मारवाह ने हमेशा वायुसेना की आगामी अभ्यासों के बारे में सूचनाएं उन्हें भेजीं। ये सूचनाएं दुश्मन को भारत की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने में मददगार साबित होंगी।

एफआईआर :

7 फरवरी को इस संबंध में ऑफिशियल सेक्रेट एक्ट की धारा 3/5/9 के तहत एक एफआईआर लोधी कॉलोनी थाने में दर्ज कराई गई है।

बुधवार को गिरफ्तारी :

मारवाह को वायुसेना मुख्यालय में घुसते समय सेलफोन के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने के दस दिन बाद बुधवार को औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी (स्पेशल सेल) प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि उन्हें दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

जांचकर्ताओं ने बताया कि मारवाह का वायुसेना अधिकारी के तौर पर बहुत प्रशंसनीय कॅरियर रहा है। वह स्काईडाइविंग के विशेषज्ञ हैं। मारवाह के फेसबुक पर भी उनकी पैराग्लाइडिंग की अनेक तस्वीरें पड़ी हुई हैं।

अधिकारी ने बताया कि वह कई रक्षा संस्थानों और अन्य स्थानों पर जाकर प्रशिक्षण देने का काम भी किया है। मारवाह अगले साल रिटायर होनेवाले थे। उनका एक बेटा भी वायुसेना में कमीशंड लड़ाकू पायलट है। दूसरा बेटा दूसरे शहर में सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल है। गिरफ्तारी से पहले मारवाह दिल्ली कैंट इलाके में ही पत्नी के साथ रह रहे थे।

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