Wednesday , December 13 2017

हमस में ज़ख़्मी अफराद, दवाओं के कमी से फ़ौत हो रहे हैं

बेरूत 10 जुलाई (ए एफ़ पी ) बाग़ीयों और सरकारी फ़ौज के दरमयान शाम के वस्ती शहर हमस में जंग के दौरान ज़ख़्मी होने वाले अफ़राद दवाओं की क़िल्लत की वजह से फ़ौत हो रहे हैं। तिब्बी आलात का भी फ़ुक़दान(कमी) है।

बेरूत 10 जुलाई (ए एफ़ पी ) बाग़ीयों और सरकारी फ़ौज के दरमयान शाम के वस्ती शहर हमस में जंग के दौरान ज़ख़्मी होने वाले अफ़राद दवाओं की क़िल्लत की वजह से फ़ौत हो रहे हैं। तिब्बी आलात का भी फ़ुक़दान(कमी) है।

एक निगरांनिकार तंज़ीम शामी रसदगाह बराए इंसानी हुक़ूक़ के डायरेक्टर रामी अबदुर्रहमान ने ए एफ़ पी से कहा कि गुज़िश्ता 11 दिन से फ़ौज मुसलसल बमबारी कर रही है जिस की वजह से बाग़ीयों के ज़ेरे क़ब्ज़ा इलाक़ों में जो शहर हमस के हैं संगीन इंसानी सूरते हाल पैदा हो गई है।

बाग़ीयों और शहरीयों की नामालूम तादाद हालिया दिनों में ज़ख़्मों की वजह से दम तोड़ गई क्योंकि उन के ईलाज के लिए दवाएं और तिब्बी आलात मौजूद नहीं थे । ख़ालिदया और पुराने शहर के पड़ोसी इलाक़ा हमस का फ़ौज ने सख़्त मुहासिरा कर रखा है।

अक़वामे मुत्तहदा के बामूजिब 2500 से ज़्यादा शहरी हमस में फंसे हुए हैं । 27 माह की ख़ानाजंगी में एक लाख अफ़राद जिन में से बेशतर शहरी हैं हलाक हो चुके हैं।

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