Thursday , June 21 2018

हमास, इसराईल के हमलों का अहया

मिस्र में मुज़ाकरात नाकाम , ग़ज़ा पर 72 घंटे की आरिज़ी सुलह ख़त्म

मिस्र में मुज़ाकरात नाकाम , ग़ज़ा पर 72 घंटे की आरिज़ी सुलह ख़त्म

धमाकों की आवाज़ ने आज ग़ज़ा में 72 घंटे सुकूत को ख़त्म कर दिया जबकि हमास ने आरिज़ी सुलह में तौसीअ से इनकार कर दिया और कई रॉकेट इसराईल की तरफ़ दागे़ जिस ने जवाबी कार्रवाई में फ़िज़ाई हमलों के ज़रिए एक बच्चे को हलाक कर डाला जबकि मिस्र की सा लस्सी में देरपा सुलह के लिए मुनाक़िदा मुज़ाकरात तात्तुल का शिकार होगए। और मिस्र में इसराईल और फ़लस्तीन के दरमियान मुज़ाकरात बगै़र किसी मुआहिदे के बगै़र ख़त्म हो गए हैं।

इसराईल का कहना है कि जब तक हमास की जानिब से रॉकेट हमले नहीं रुकते तब तक मुज़ाकरात नहीं होंगे। इसराईली हुक्काम के मुताबिक़ इस ने जंग बंदी के मुक़र्ररा वक़्त के इख़तेताम के बाद हमास की तरफ़ से फ़ायर किए गए रॉकेटों के बाद जवाबी कार्रवाई की है। इसराईली फ़ौज के मुताबिक़ हमास की तरफ़ से ताज़ा रॉकेट हमले नाक़ाबिल-ए-बर्दाश्त हैं और उन्होंने उसे कोताहबीनी से ताबीर किया।

फ़ौजी हुक्काम के मुताबिक़ मुक़ामी वक़्त सुबह आठ बजे जंग बंदी ख़त्म होने के बाद हमास की तरफ़ से इसराईल पर ज़ाइद अज़ 35 रॉकेट दागे़ गए जिस में से इसराईल के रॉकेट रोकने वाले निज़ाम आयरन डोम ने तीन मार गिराए जबकि बक़िया खुले मैदान में जा गिरे। हमलों से कोई जानी नुक़्सान नहीं हुआ।

दूसरी तरफ़ फ़लस्तीनी हुक्काम के मुताबिक़ इसराईली ताज़ा तरीन हमलों में एक मस्जिद पर बमबारी की गई जिस से एक 10 साला बच्चा जांबाहक़ हो गया। मीडिया के मुताबिक़ इसराईली फ़ौज हमलों में टैंक और गुण बूट्स का भी इस्तेमाल कर रही है। जुमेरात को इंसानी हुक़ूक़ की तंज़ीम एमन्सिटी इंटरनेशनल ने कहा था कि इसराईली फ़ौज की तरफ़ से अस्पताल और इमदादी टीमों पर हमले दानिस्ता किए गए हैं और उनकी तफ़तीश होनी चाहिए।

याद रहे कि फ़लस्तीनी अस्करी तंज़ीम हमास ने जुमा को इख़तेताम पज़ीर तीन रोज़ा जंग बंदी में तौसीअ करने से इनकार कर दिया था। हमास के अस्करी ग्रुप के तर्जुमान ने क़ाहिरा में इसराईल के साथ मुज़ाकरात करने वाले फ़लस्तीनी मुज़ाकरात कारों से कहा था कि वो उस वक़्त तक जंग बंदी में तौसीअ से इनकार करेंगे जब तक उनके तवील-उल-मुद्दती मुतालिबात तस्लीम नहीं किए जाते। तर्जुमान के मुताबिक़ अगर उनके मुतालिबात पर ग़ौर किया गया तो उनकी तंज़ीम तवील जंग बंदी के लिए तैयार है।

इस से पहले इसराईल की ग़ज़ा के ख़िलाफ़ 8 जुलाई को शुरू की जाने वाली फ़िज़ाई और ज़मीनी कार्यवाईयों में 1900 फ़लस्तीनी और 67 इसराईली हलाक हो चुके हैं। इसराईली फ़ौज का कहना है कि उन्होंने 900 फ़लस्तीनी शिद्दत पसंदों को हलाक किया है। अक़्वाम-ए-मुत्तहदा के मुताबिक़ महलोकेन् में 1354 अफ़राद आम शहरी थे जिन में 415 बच्चे और 214 औरतें शामिल हैं। दूसरी तरफ़ इसराईल के तीन या चार आम शहरीयों के अलावा लग भग 65 फ़ौजी हलाक हुए हैं।

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