हरम मक्का का तोसेवी प्राजेक्ट (Extension) तेज़ी से जारी

हरम मक्का का तोसेवी प्राजेक्ट (Extension) तेज़ी से जारी
ख़ादिम अल‍ हरमैन अशरीफ़ैन शाह अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अज़ीज़ की ख़ाहिश पर शुरू करदा हरम मक्का की तौसीअ का अमल तेज़ी से जारी है। इस जदीद तर्ज़ तामीर (नए तरीके से निर्माण) के अहम तरीन अनासिर में पैदल चल कर और गाड़ीयों पर सवार हो कर पहु

ख़ादिम अल‍ हरमैन अशरीफ़ैन शाह अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अज़ीज़ की ख़ाहिश पर शुरू करदा हरम मक्का की तौसीअ का अमल तेज़ी से जारी है। इस जदीद तर्ज़ तामीर (नए तरीके से निर्माण) के अहम तरीन अनासिर में पैदल चल कर और गाड़ीयों पर सवार हो कर पहुंचने वालों को अलग अलग अंदाज़ में मुनज़्ज़म ( क्रमबद्व) करने का अमल शामिल है।

ज़िम्मा दारान के मुताबिक़ ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मस्जिद में दाख़िल होने वाले नमाज़ी हज़रात को ज़्यादा से ज़्यादा सहूलयात फ़राहम की जा सकें और वो सुकून के साथ इबादात और दीगर ( अन्य) मनासिक (हज / उमरा के दौरान किए जाने वाले कार्य) की अदायगी का एहतिमाम कर सकें।

अल अरबिया डाट नेट के मुताबिक़ हरम मक्का की मौजूदा तौसीअ आज तक के किसी भी तो सेवी मंसूबे में सब से बड़ा प्रोजेक्ट है। इस मंसूबे पर कम व बेश कोई एक साल से दिन रात काम जारी है। ये तो सेवी मंसूबा इस एतबार से भी ख़ास एहमीयत का हामिल है क्योंकि इस में ना सिर्फ बड़ी तादाद में ज़ाइरीन और नमाज़ियों के लिए सहूलयात फ़राहम की जाएंगी बल्कि हरम की तौसीअ जदीद तर्ज़ तामीर ( नये तरीके से निर्माण) से हम आहंग अहम शाहकार होगा।

जहां ज़ाइरीन ( तीर्थयात्रीयों) काअबा/ काबा को हर किस्म की सहूलत मयस्सर होगी। ख़ादिम अल‍ हरमैन अश्शरीफ़ैन की जानिब से शुरू करदा हरम मक्का की तौसीअ का मंसूबा दरअसल यहां पर पहुंचने वाले कसीर ( ज्यादा) तादाद में ज़ाइरीन ( तीर्थयात्रीयों) के मसाइल ( सम्स्याओं) को पेशे नज़र रख कर शुरू किया गया है।

हज के इलावा रमज़ान उल-मुबारक में भी ना सिर्फ उमरा के लिए आए लाखों फ़रज़दाँन तौहीद नमाज़ो तरावीह और दीगर नमाज़ों को हरम में अदा करने को तर्जीह देते हैं बल्कि वो अपना ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त हरम में गुज़ारते हैं। रमज़ान उल-मुबारक की रातों को हरम में कम से कम बीस लाख अफ़राद मौजूद रहते हैं।

यही वजह है कि शाह अबदुल्लाह ने इतने कसीर (ज़्यादा) ज़ाइरीन ( तीर्थयात्रीयों) के मसाइल ( समस्याओ‍ं) का मुस्तक़िल हल निकालने के लिए इतना बड़ा तो सेवी प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। अख़बार के मुताबिक़ हरम मक्का की तौसीअ के मंसूबे के ज़िमन में जिन अहम उमूर पर ख़ुसूसी तवज्जा दी जा रही है वो पैदल चल कर आने वाले और गाड़ीयों पर आने वाले ज़ाइरीन ( तीर्थयात्रीयों) को मुनज़्ज़म (क्रमबद्व) करना और उन की गाड़ीयों की पार्किंग का सही बंदोबस्त करना ताकि जब भी कोई शख़्स अपनी गाड़ी ले जाना चाहे तो बा आसानी से ले जा सके।

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