Thursday , December 14 2017

हर तीसरे एमपी का पसमंजर मुजरिमाना

नयी लोक सभा में हर तीसरा नौ मुंतख़ब एम पी मुजरिमाना पस-ए-मंज़र वाला है। इस बात का इन्किशाफ़ अरकाने पार्लियामेंट की तरफ़ से भरे गए हलफ़नामों की बुनियाद पर हुआ है।

नयी लोक सभा में हर तीसरा नौ मुंतख़ब एम पी मुजरिमाना पस-ए-मंज़र वाला है। इस बात का इन्किशाफ़ अरकाने पार्लियामेंट की तरफ़ से भरे गए हलफ़नामों की बुनियाद पर हुआ है।

नेशनल इलेक्शन वाच और एसोसिएशन फ़ार डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने 543 में 541 अरकान के हलफ़नामों के तजज़िया की बुनियाद पर कहा है कि 186 या 34 फ़ीसद नौ मुंतख़ब अरकाने पार्लियामेंट ने अपने हलफ़नामे में इन्किशाफ़ किया है कि उन के ख़िलाफ़ मुजरिमाना मामले हैं। 2009 में 30 फ़ीसद लोकसभा अरकान के ख़िलाफ़ मुजरिमाना मुआमले थे। इस में चार फ़ीसद का इज़ाफ़ा हो गया है।

एक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ 2014 के इंतिख़ाबात में मुजरिमाना पस-ए-मंज़र वाले एक उम्मीदवार के जीतने का इमकान 13 फ़ीसद रहा , जबकि साफ़ तस्वीर के उम्मीदवारों के मुआमले में ये पाँच फ़ीसद रहा। मुजरिमाना पस-ए-मंज़र वाले 186 नए अरकाने पार्लियामेंट में से 112 ( 21 ) ने अपने ख़िलाफ़ क़त्ल , क़त्ल की कोशिश , फ़िर्कावाराना हम आहंगी को बिगाड़ने, अग़वा , ख़वातीन के ख़िलाफ़ जराइम वग़ैरा जैसे संगीन मुजरिमाना मुआमले होने का ऐलान किया है।

बयान में कहा गया है कि झारखंड के जमशीदपुर से कामयाब रहे बी जे पी उम्मीदवार और महाराष्ट्र के सातारा से कामयाब रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( एन सी पी ) के उम्मीदवार के हलफ़ का तजज़िया नहीं हो पाया है क्योंकि इलेक्शन कमिशन की वेबसाइट पर दिए गए उन के हलफ़नामे अधूरे – ग़ैर वाज़िह मिले हैं।
पार्टी वार तजज़िया में सब से ज़्यादा रुक्न भारतीय जनता पार्टी (बी जे पी) के हैं। पार्टी के 281 अरकान में से 98 या 35 फ़ीसद ने अपने हलफ़नामों में मुजरिमाना मामले दर्ज होने की बात क़बूल की है। बी जे पी ने 282 सीटें जीती हैं।

कांग्रेस के 44 में से 8 (18 फ़ीसद), ए आई डी एम के के 37 में से 6 (16 फ़ीसद), शिवसेना के 18 में से 15 (83 फ़ीसद) और तृणमूल के 34 फ़ातहीन में से 7 (21 फ़ीसद) ने मुजरिमाना ममले दर्ज होने का इन्किशाफ़ किया है।

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