हलक़ा असेंबली ख़ैरताबाद से दूसरों को टिकट देने की मुख़ालिफ़त

हलक़ा असेंबली ख़ैरताबाद से दूसरों को टिकट देने की मुख़ालिफ़त

हलक़ा असेंबली ख़ैरताबाद के साबिक़ रुक्न असेंबली-ओ-साबिक़ क़ाइद कांग्रेस मुक़न्निना पार्टी-ओ-सिनयर क़ाइद कांग्रेस पार्टी आँजहानी पी जनार्धन रेड्डी की दुख़तर श्रीमती विजया रेड्डी ने एक नई बहस छेड़ते हुए कांग्रेस क़ाइदीन के लि

हलक़ा असेंबली ख़ैरताबाद के साबिक़ रुक्न असेंबली-ओ-साबिक़ क़ाइद कांग्रेस मुक़न्निना पार्टी-ओ-सिनयर क़ाइद कांग्रेस पार्टी आँजहानी पी जनार्धन रेड्डी की दुख़तर श्रीमती विजया रेड्डी ने एक नई बहस छेड़ते हुए कांग्रेस क़ाइदीन के लिए इस नई बहस पर ग़ौर-ओ-ख़ौज़ करने के लिए मजबूर कर दिया है। समझा जाता है कि कांग्रेस क़ाइदीन में भी एक मुसबत रद्द-ए-अमल पाया जा रहा है।

कियूं के आइन्दा इंतेख़ाबात के मौक़ा पर उन के वालिद आँजहानी पी जनार्धन रेड्डी के हलक़ा असेंबली ख़ैरताबाद से किसी और कांग्रेस क़ाइद को पार्टी टिकट ना दीए बल्कि आँजहानी पी जनार्धन रेड्डी के ही किसी एक फ़र्द ख़ानदान को ही पार्टी टिकट देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि अगर पार्टी के किसी और क़ाइद को हलक़ा असेंबली ख़ैरताबाद से पार्टी टिकट देने की सूरत में हरगिज़ इस इक़दाम से इत्तिफ़ाक़ नहीं किया जाएगा बल्कि इस मर्तबा किसी दूसरों को हलक़ा असेंबली ख़ैरताबाद से पार्टी टिकट देने की सूरत में इस की पुरज़ोर मुख़ालिफ़त की

जाएगी। कियूं के आँजहानी पी जनार्धन रेड्डी ने उसे वक़्त इस हलक़ा से कांग्रेस रुक्न असेंबली की हैसियत से पाँच मर्तबा मुंतख़ब होकर भरपूर-ओ-कामयाब नुमाइंदगी की थी जब कि ये हलक़ा असेंबली सब से बड़ा हलक़ा असेंबली था और आज इस हलक़ा की अज़सर-ए-नौ हदबंदी करके इस हलक़ा को पाँच मुख़्तलिफ़ असेंबली हलक़ों में तब्दील किया गया और आज मौजूदा हलक़ा असेंबली से मिस्टर डी नागेंद्र नुमाइंदगी करते हैं जोकि बिलकुल्लिया तौर पर गैर मुक़ामी उम्मीदवार हैं,

जिस की वजह से आज भी इस हलक़ा असेंबली के अवाम (राय दहनदे) उन्हें नापसंद करते हैं। लिहाज़ा श्रीमती विजया रेड्डी ने अपने वालिद आँजहानी पी जनार्धन रेड्डी के हल्क़ा-ए-इंतख़ाब से किसी एक फ़र्द ख़ानदान को ही पार्टी टिकट देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि आइन्दा इंतेख़ाबात में हलक़ा ख़ैरताबाद को वो हरगिज़ नहीं छोड़ेंगी बल्कि इस सिलसिला में कांग्रेस हाईकमान से इस मसला पर संजीदगी के साथ ग़ौर करते हुए आँजहानी क़ाइद मिस्टर पी जनार्धन रेड्डी के किसी एक फ़र्द ख़ानदान को ही हलक़ा असेंबली ख़ैरताबाद से पार्टी टिकट देने के लिए मॶसर नुमाइंदगी ज़रूर करेंगी।

कियूं के उन के वालिद की मौत वाक़ै होने के बाद इस हलक़ा से उन के फ़र्ज़ंद मिस्टर पी विष्णु वर्धन रेड्डी को पार्टी टिकट दिया गया था और शानदार कामयाबी हासिल की थी। लेकिन बादअज़ां इस हलक़ा की अज़सर-ए-नौ हदबंदी के मौक़ा पर विष्णु वर्धन रेड्डी को हलक़ा असेंबली जुबली हिलज़ के लिए मुंतक़िल कर दिया गया जहां से विष्णु वर्धन रेड्डी ने ज़बरदस्त अक्सरियत से कामयाबी हासिल की थी।

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