Saturday , December 16 2017

हलक़ा असेंबली भोंगीर में एक अनार सौ बीमार

हलक़ा असेंबली भोंगीर में नाराज़-ओ-मुख़ालिफ़ उम्मीदवारों के दस्तबरदार होजाने के बाद 10 उम्मीदवार मैदान में हैं।

हलक़ा असेंबली भोंगीर में नाराज़-ओ-मुख़ालिफ़ उम्मीदवारों के दस्तबरदार होजाने के बाद 10 उम्मीदवार मैदान में हैं।

इन में चार उम्मीदवारों का कांटे का मुक़ाबला है। सियासी तजज़िया निगारों के मुताबिक़ चार रुख़ी मुक़ाबला कांग्रेस, टी आर एस उम्मीदवार सियासी ना तजुर्बा कार, कांग्रेस में ग्रुप बंदीयां, आज़ाद उम्मीदवार की अग्नी परीक्षा मुनाक़िद होने वाले आम चुनाव में मुक़ाबला करने वाले उम्मीदवारों के लिए ये चुनाव अंगारों पर चलने से कम नहीं।

इस मर्तबा तहरीक तेलंगाना के बाद टी आर एस सियासी पार्टी की शक्ल में अवाम के सामने आई। 12 साला जद्द-ओ-जहद तेलंगाना में हिस्सा लेने वाले सरगर्म अफ़राद को पार्टी टिकट देने में टी आर एस की तरफ से नजरअंदाज़ किए जाने की शिकायात और नौवारिद और मालदार अफ़राद को जिन का तहरीक में कोई हिस्सा नहीं था, उन्हें टिकट दिए जाने की वजह से पार्टी के पुराने क़ाइदीन-ओ-कारकुनों में मायूसी छागई।

तेलंगाना देने का सहरा अपने सर बांधने और इन ही की वजह से तेलंगाना तशकील पाया कह कर ढंडोरा पीटने वाली कांग्रेस पार्टी की हाईकमान ने एक एसे फ़र्द को उम्मीदवार नामज़द किया है जोकि सिर्फ़ एक साबिक़ कौंसिलर है।

अपने कल्चर और रिवायत से मजबूर कांग्रेस पार्टी तीन ग्रुप और छः क़ियादतों के बोझ से दब कर सिसक रही है। कांग्रेस पार्टी अंदरूनी मुख़ालफ़तों और नाराज़गियों के सबब उभर नहीं पा रही है।

सियासी तजज़िया निगारों के मुताबिक़ दाख़िली ख़लफ़िशार और बाहमी एतेमाद की कमी और क़ाइदीन की अनानीयत के सबब कांग्रेस पार्टी का मौक़िफ़ काफ़ी कमज़ोर दिखाई देता है।

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