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हलफ बर्दारी के मौके पर मनमोहन को बुलाएंगे नवाज शरीफ

लाहौर, 14 मई: अपनी ताजपोशी की तैयारियों में जुटे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल‍एन) के सरबराह नवाज शरीफ ने पीर के दिन कहा कि वह अपने तकरीब हलफ बर्दारी में वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह को मदऊ करेंगे। वाजेह है कि नवाज को जीत की मुबारकबाद

लाहौर, 14 मई: अपनी ताजपोशी की तैयारियों में जुटे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल‍एन) के सरबराह नवाज शरीफ ने पीर के दिन कहा कि वह अपने तकरीब हलफ बर्दारी में वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह को मदऊ करेंगे। वाजेह है कि नवाज को जीत की मुबारकबादी के साथ मनमोहन सिंह उन्हें हिंदुस्तान आने की दावत पहले ही दे चुके हैं। बीजेपी ने उनकी इस पहल को जल्दबाजी में उठाया गया कदम करार दिया है जबकि जम्मू-कश्मीर के अहम सियासी पार्टियों ने मनमोहन की इस पहल का खैर मकदम किया है।

नवाज शरीफ ने मनमोहन सिंह को मदऊ करने के बारे में सहाफियों के सवाल पर कहा, ‘अगर वह यहां आते हैं तो यह हमारे और पाकिस्तान के लिए बहुत खुशी की बात होगी।’ उनसे पूछा गया था कि क्या वह अपने तीसरे तकरीब हलफ बर्दारी में मनमोहन को बुलाने पर गौर कर रहे हैं? शरीफ ने कहा, ‘उन्होंने (मनमोहन) ने मुझे एतवार के दिन फोन किये थे। फोन पर हमारी लंबी बातचीत हुई थी। उन्होंने मुझे हिंदुस्तान आनेऔर मैंने उन्हें पाकिस्तान आने की दावत दी। वह वास्तव में पाकिस्तान के ही एक जिले के हैं।’ आप जानते होंगे कि मनमोहन सिंह का आबाई गाँव पाकिस्तान के पंजाब सूबे में है।

शरीफ ने हिंदुस्तान के साथ बेहतर रिश्ते बनाने की बात अपने इंतेखाबी मुहिम में भी कही थी। उन्होंने हिंद-पाक के बीच शुरू की गई अमन मुज़ाकरात को दोबारा शुरू करने के अज़्म का इज़हार किया है, जो 1999 में उस वक्त के फौजी चीफ परवेज मुशर्रफ की तरफ से फौजी तख्तापलट करने के बाद रूकावट पैदा हो गयी थी । शरीफ ने उस वक्त के वज़ीर ए आज़म अटल बिहारी वाजपेयी के साथ अमन मुज़ाकरात की शुरुआत की थी।

उन्होंने कहा कि मनमोहन आते हैं या नहीं यह अलग मसला है, लेकिन उन्हें मदऊ करने में हमें खुशी होगी। साथ ही उम्मीद जताई कि मनमोहन जल्द ही पाकिस्तान आएंगे। इलेक्शन में जीत दर्ज करने पर शरीफ को मुबारकबादी देने में मनमोहन सिंह ने कोई देरी नहीं की थी।

तीसरी मर्तबा पाकिस्तान के वज़ीर ए आज़म बनने जा रहे शरीफ को भेजे खत में मनमोहन ने कहा था, ‘दोनों मुल्कों के दरमियान बेहतर रिश्तों के सिलसिले में मैं आपके और आपकी हुकूमत के साथ काम करने का ख़ाहिशमंद हूं। इसके साथ ही मैं आपको हिंदुस्तान आने का दावत भी देता हूं।’

नवाज शरीफ को मदऊ करने में वज़ीर एआज़म ने बहुत जल्दबाजी की है। वास्तव में हमें यह देखने के लिए इंतेजार करना चाहिए था कि हिंदुस्तान की तरफ से पाकिस्तान के रवैये में क्या फर्क आया? अगर कुछ मुसबत ( Positive) इशारे मिलते तो उन्हें यकीनी तौर से मदऊ किए होते।

– बलबीर पुंज, नायब सदर बीजेपी

चौदह साल बाद पाकिस्तान के इक्तेदार ( सत्ता) में वापसी के इशारों के बीच नवाज शरीफ ने वादा किया है कि वह कश्मीर मुद्दे पर नए दौर की बातचीत शुरू करेंगे।

आम इंतेखाबात में पीएमएल-एन की सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने के बाद मीडिया से बातचीत में शरीफ ने कहा कि वह मुल्क के शुमाली‍ मगरिबी कबायली इलाके में ड्रोन हमलों समेत मख्तलिफ मुद्दों पर अमेरिका से भी बातचीत करेंगे।

शरीफ ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर हिंदुस्तान के साथ बातचीत का नया दौर शुरू होगा और दोनों पड़ोसी मुल्क के बीच रिश्ते को मजबूत किया जाएगा।

शरीफ की सियासी सफर पाकिस्तान के सदर आसिफ अली जरदारी और हिंदुस्तान के वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह के बीच अप्रैल और अगस्त 2012 में नई दिल्ली और तेहरान में बातचीत हुई थी। सितंबर 2012 में हिंदुस्तान के वज़ीर ए खारेज़ा एसएम कृष्णा ने अपने पाकिस्तानी हम मंसब हिना रब्बानी खार से इस्लामाबाद में मुलाकात की थी और बातचीत के अमल को आगे बढ़ाने पर जोर दिया था।

गौरतलब है कि पाकिस्तान आम इंतेखाबात में अब तक 243 सीटों के नतीज़ो का ऐलान हुआ हैं जिनमें पीएमएल-एन को 130 सीटें, इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ को 29 सीटें और जरदारी की पार्टी पीपीपी को 33 सीटें मिली हैं। इसके अलावा 27 सीटों पर आज़ाद असेम्बली अरकान (Independents) , 17 पर मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट, 10 पर जमात उलेमा-ए-इस्लाम-फजर्लुर, पांच पर जमात-ए-इस्लामी, तीन पर पख्तूनखवा मिल्ली अवामी पार्टी और 18 सीटों दिगर ने जीत हासिल की है। नेशनल एसेंबली की सभी 342 सीटों में 268 सीटों पर रायदही करायी गयी है।

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