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हलाकतों पर पाकिस्तानी सफ़ीर के तबसरा की अहमीयत नहीं

नई दिल्ली 21 जनवरी ( पी टी आई ) हिन्दुस्तान ने ख़त क़बज़ा पर हिंदूस्तानी फ़ौजीयों की हलाकत पर मुबय्यना तबसरे की एहमीयत घटाने की कोशिश करते हुए कहा कि दोनों ममालिक हस्सास तरीके से पेशरफ़त करसकते हैं जबकि गर्द बैठ जाएगी । वज़ीर-ए-ख़ारजा स

नई दिल्ली 21 जनवरी ( पी टी आई ) हिन्दुस्तान ने ख़त क़बज़ा पर हिंदूस्तानी फ़ौजीयों की हलाकत पर मुबय्यना तबसरे की एहमीयत घटाने की कोशिश करते हुए कहा कि दोनों ममालिक हस्सास तरीके से पेशरफ़त करसकते हैं जबकि गर्द बैठ जाएगी । वज़ीर-ए-ख़ारजा सलमान ख़ुरशीद ने एक प्रैस कान्फ़्रैंस में कहा कि उन के ख़्याल में इस बात की एहमीयत ज़्यादा है कि हम गर्द बैठ जाने तक इंतेज़ार करें क्योंकि एक बार गर्द बैठ जाये तो हस्सास और पर ज़ोर तरीके से पेशरफ़त की जा सकती है ।

उन से पाकिस्तानी हाई कमीशन सलमान बशीर के जम्मू-ओ-कश्मीर में ख़त क़बज़ा के पास दो फ़ौजीयों की हलाकत के बारे में मुबय्यना तबसरे पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करने की ख़ाहिश की गई थी । वज़ीर-ए-ख़ारजा सलमान ख़ुरशीद ने कहा कि ख़त क़बज़ा पर सूरत-ए-हाल फ़िलहाल चंद दिन क़बल की बनिसबत बहुत ज़्यादा बेहतर है ।

उन्होंने कहा कि वो सिर्फ़ ये कहेंगे कि हमें हर बयान पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर नहीं करना चाहीए ।उन्होंने कहा कि दाख़िली पस-ए-मंज़र में लाज़िमी तौर पर उनकी बात हर्फ़ आख़िर समझी जानी चाहीए । वज़ीर-ए-ख़ारजा पाकिस्तान हिना रब्बानी खुर की कशीदगी में कमी केलिए मुबय्यना तौर पर वज़ारती सतह की बातचीत की पेशकश पर इन का रद्द-ए-अमल जानने की सहाफ़ीयों की कोशिश पर उन्होंने कहा कि अख़बारी ख़बरों को पेशकश की हैसियत नहीं दी जा सकती ।

उन्होंने कहा कि वाज़िह तौर पर उसे कोई पेशकश क़रार नहीं दिया जा सकता । उन्होंने कहा कि पेशरफ़त के बारे में तजावीज़ पेश की गईं हैं और इमकानात का जायज़ा लेने के बाद पेशरफ़त किसी ना किसी तरीके से की जा सकती है । उन्होंने कहा कि बेशक ये तजावीज़ ज़राए इबलाग़ के ज़रीये से हासिल हुई हैं ।

हिना रब्बानी खुर का तबसरा सलमान बशीर की हिंदूस्तानी फ़ौजीयों की हलाकत की अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की जानिब से तहक़ीक़ात करवाने की पेशकश के पस-ए-मंज़र में मंज़र पर आया है । सलमान ख़ुरशीद ने कहा कि हम पहले ही कह चुके हैं कि हम तीसरे फ़रीक़ की बाहमी मुआमलात में दख़ल अंदाज़ी को कोई मुसबत इशारा नहीं समझते ।

वज़ीर-ए-ख़ारजा ने कहा कि हक़ीक़त तो ये है कि ख़त क़बज़ा पुर सुकून हैं ।ये भी हक़ीक़त है कि हमारी फ़ौजीयों कार्यवाईयों से डायरैक्टर जनरल बेमानी अंदाज़ में रब्त बरक़रार रखे हुए हैं । उन्होंने कहा कि वो समझते हैं कि ये एक मुसबत तबदीली है जो दुरुस्त सिम्त में की गई है ।इसका इस्तेक़बाल किया जाना चाहीए ।

मुबय्यना तौर पर पाकिस्तानी फ़ौज ने रियासत जम्मू-ओ-कश्मीर के पूंछ सैक्टर में ख़त क़बज़ा पार करते हुए दो हिंदूस्तानी फ़ौजीयों को हलाक कर दिया था और इन में से एक का सर क़लम कर के साथ ले गए थे जिस पर दोनों ममालिक के दरमियान बेहतर होते हुए ताल्लुक़ात बिगड़ कर कशीदगी में इज़ाफ़ा होगया था ।

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