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‘हलाल’ सामान को लेकर एकजुट हुई मलेशियाई कंपनियां

एक मलेशियाई संगठन ने हलाल सामान की पहचान के लिए एक लोगो तैयार करने का फैसला किया है। लोगो इस बात की पहचान कराएगा कि कौन-सा का उत्पाद मुस्लिमों ने बनाया और कौन-सा नहीं। द मलेशियन इंस्टीच्यूट ऑफ इंटरनेशनल इस्लामिक कॉर्पोरेशन (इकियाम) और मलेशियन रबर इंडस्ट्री स्माल होल्डर डेवेलपमेंट (रिस्दा) ने बताया है कि लोगो का डिजाइन और उत्पाद अगले साल शुरु हो जाएगा।

हालांकि द डिपार्टमेंट ऑफ इस्लामिक डेवेलपमेंट मलेशिया एक ऐसा ही हलाल लोगो पहले से इस्तेमाल करती है। पर इकियाम के प्रवकता ने कहते है, “हमारा लोगो साफतौर पर इस बात की पुष्टि करेगा कि वस्तु हलाल तरीके से बना है या नहीं। वे कहते है कि इस तरह से हलाल सामान बेचनों की कंपनियों को दूसरों के आगे नहीं झुकना पड़ेगा।”

आमतौर पर मुसलमानों को हलाल या जायज जीचें खाने की इजाजत है। कुर’आन में सुअर और शराब पीने की साफ़ मनाही है। मुसलमान हलाल मानकों का विशेष तौर पर ख्याल रखते हैं। मसलन, कॉस्मेटिक चीजें जिसमें नापाक जानवरों के अंश मिलाया जाता है। खासकर वे वस्तुएं जिनमें प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल अधिक होता है।

पूरे दुनिया में मुस्लिमों की आबादी 1.6 है। वहीं वैश्विक स्तर पर हलाल खाद्य पदार्थों का बाजार लगभग 632 बिलियन डॉलर (16%) का है। यूनाइटेड स्टेट्स हलाल एसोसिएशन का कहना है कि वैश्विक स्तर पर हलाल उत्पाद का बाजार दो ट्रिलियन से अधिक का है। रिस्दा के अध्यक्ष ज़ाहिदी ज़ैनुल आबेदिन बताते है कि नए लोगो की जरूरत इसलिए है कि गैर-मुस्लिम मुस्लिम उद्यमियों के साथ बहुत ज्यादती करते हैं। यह हमारी तरफ से उनको जवाब है।

आबेदिन कहते हैं कि फिलहाल इसके समर्थ में 11 फीसदी मलेशियाई मुसलमान कंपनियों ने हलाल निर्यात के लिए मलेशिया व्यापार और उद्योग मंत्रालय में पंजीकरण कराया है। उनका मानना है कि हलाल व्यापार के काफी अवसर हैं। उदाहरण के तौर पर, क्षेत्रिय स्तर एक मुस्लिम कंपनी ने हाल ही में रिस्दा से कहा है कि अपने मंपनी के 60 से अधिक शाखा चीन और उसके के देशों में खोलना चाहते हैं। उनकी कंपनी केवल हलाल सामान बेचेगी। हाल ही में, एक मलेशियाई कंपनी रियानी ने हलाल एयरलाइन की शुरूआत की है। यह कंपनी अपने एयरलाइन में केवल हलाल खाने परोसती है। उसमें शराब पीना पूरी तरह से निषिद्ध है। और एयरलाइन में नमाज पढ़ने की भी व्यवस्था की गई है।

 

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