हसूल-ए-इक्तदार के लिए मोदी हिटलर के नक़शे क़दम पर : दिग विजय‌ सिंह

हसूल-ए-इक्तदार के लिए मोदी हिटलर के नक़शे क़दम पर : दिग विजय‌ सिंह

कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी दिग विजय‌ सिंह ने जो चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी पर तन्क़ीदों में सब पर सबक़त लेजाते हैं आज मोदी का तक़ाबुल एडोल्फ हिटलर से किया और कहा कि वो इक़तिदार हासिल करने के लिए हिटलर की तरीक़ा इख़तियार कर रहे हैं।

उन्होंने अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि वो समझते हैं कि दोनों के माबैन कई तरह की यकसानियत है क्योंकि मोदी इक़तिदार हासिल करने के लिए हिटलर की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के शौहरत हासिल करने के नतीजा में बी जे पी गुजरात में बहुत छोटी होकर रह गई है। उन्होंने कहा कि गुजरात में कोई बी जे पी नहीं है सिर्फ़ मोदी हैं और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी सूरत-ए-हाल इसी तरह की है।

कांग्रेस लीडर ने कहा कि मध्य प्रदेश में सिर्फ़ शिव‌राज सिंह चौहान हैं और छत्तीसगढ़ में सिर्फ़ रमन सिंह हैं कहीं भी बी जे पी नहीं है। उन्हों ने कहा कि इक़तिदार हासिल करने के लिए नरेंद्र मोदी जो कुछ करसकते हैं उस पर किसी को भी हैरत का शिकार नहीं होना चाहिए। उन्हों ने इद्दिआ किया कि हिंदुस्तान को कांग्रेस से पाक बनाने का उनका ख़ाब कभी भी पूरा नहीं होसकता।

उन्होंने सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वॉड्रा की कारोबारी मुआमलतों के ताल्लुक़ से कहा कि सियासत और कारोबार साथ साथ नहीं चल सकती और अक्सर-ओ-बेशतर सियास्तदान अच्छे कारोबारी नहीं होते। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वॉड्रा के कारोबार करने में कोई बुराई नहीं है क्योंकि वो सियासत का हिस्सा नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि वो ऐसा इस लिए कह रहे हैं क्योंकि उन्होंने देखा है कि बेशतर सियासतदां जो कुछ ना कुछ कारोबार करते हैं किसी ना किसी वक़्त मसाइल का शिकार होजाते हैं। ये उनका शख़्सी ख़्याल है कि ताजिरों को सियासत का हिस्सा बनने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए। दिग विजय‌ सिंह से सोनिया के दामाद राबर्ट वॉड्रा की हरियाणा में अराज़ी मुआमलातों से जारी तनाज़ा पर सवाल किया गया था।

उन्होंने कहा राबर्ट वॉड्रा कारोबार करसकते हैं क्योंकि वो सियासत में नहीं हैं। बी जे पी और दूसरी जमातों को उनके ताल्लुक़ से इल्ज़ामात आइद करने की बजाय मुक़द्दमात दर्ज करने चाहिए। बी जे पी ने गुजिश्ता हफ़्ते मुतालिबा किया था कि वॉड्रा की अराज़ी मुआमलातों की तहक़ीक़ात करने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली एक ख़ुसूसी तहक़ीक़ाती टीम तशकील दी जानी चाहिए।

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