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हां! मैं निकाह की दावत खाने रकीबुल के घर गया था : हाजी हुसैन

रांची 3 सितंबर : रियासत के अक़लियत बोहबुद वज़ीर हाजी हुसैन अंसारी ने कहा है कि वह रकीबुल हसन को जानते हैं। उसके घर निकाह की दावत खाने भी गये थे। वज़ीर हाजी हुसैन मंगल को सहाफ़ियों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा मैं रकीबुल को एक साल से जान

रांची 3 सितंबर : रियासत के अक़लियत बोहबुद वज़ीर हाजी हुसैन अंसारी ने कहा है कि वह रकीबुल हसन को जानते हैं। उसके घर निकाह की दावत खाने भी गये थे। वज़ीर हाजी हुसैन मंगल को सहाफ़ियों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा मैं रकीबुल को एक साल से जानता हूं। तब वह मुझसे रकीबुल हसन कोहली के नाम से मिला था। उसने बताया था कि वह एनजीओ के जरिये पौधरोपण करता है। वह महकमा से कुछ काम की ख़्वाहिश रखता था। मैंने कहा कि मेरे महकमा में पौधरोपण का काम नहीं किया जाता है। यह काम जंगल महकमा करता है। कब्रिस्तान में पौधरोपण के लिए खत लिखा था वज़ीर ने कहा कब्रिस्तान, जाहेर मुकाम में पौधरोपण के लिए उन्होंने गुजिशता साल 25 सितंबर को वजीरे आला को खत लिख कर दरख्वास्त किया था। कहा था कि कब्रिस्तान की घेराबंदी हो रही है। अगर घेराबंदी के अंदर दरख्त लगाने का काम कराया जाता है, तो दरख्त की हिफाजत के साथ ही महौलीयात को नुकसान होने से बचाया जा सकता है।

11 जून 2014 को इसी से मुतल्लिक़ एक और खत लिखा था, जिसमें दरख्वास्त किया गया था कि जंगल महकमा को कब्रिस्तान, जाहेर मुकाम, मसना, सरना मजहब मुकामात की घेराबंदी के अंदर दरख्त लगाने के लिए हुक्म दिया जाये। हाजी हुसैन अंसारी ने बताया : 19 जून को उन्होंने जंगल महकमा के प्रिन्सिपल सेक्रेटरी को खत लिख कर इसकी हिदायत दिया था। वज़ीर ने इस बात से साफ इनकार किया कि रकीबुल के लिए उन्होंने कोई पैरवी खत लिखा है। उन्होंने कहा मैं तो सीएम से सिर्फ दरख्त लगाने की मांग कर रहा था कि न कि रकीबुल को काम देने की।

अकसर आता था रकीबुल

उन्होंने बताया रकीबुल मेरे पास अक्सर आता था। कितनी बार आया, यह याद नहीं है। ईद के दिन मुबारकबाद देने के लिए उसने फोन किया था। जिस फोन कॉल की बुनियाद पर कहा जा रहा है कि वह मुझसे राब्ते में था, दरअसल वह नंबर मेरे सेक्युर्टी का है। एक वज़ीर होने के नाते मेरे घर में हमेशा लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अब कौन कब आया, यह याद नहीं रहता।

शादी की जानकारी नहीं थी

वज़ीर ने कहा रकीबुल की कब शादी हुई, इसकी जानकारी नहीं थी। ईद के बाद सात अगस्त को वह मेरे पास आया और कहा कि उसका निकाह हो गया है। उसने मुङो घर पर दावत दिया। दरख्वास्त किया कि वालिदा और बीवी काफी खुश होंगी। वज़ीर ने कहा रकीबुल के बार-बार दरख्वास्त पर मैं उसकी बात टाल न सका और उसके घर ब्लेयर अपार्टमेंट में शाम के वक़्त गया। घर पर जाने पर पता चला कि उसने पहले हिंदू रीति से शादी किया फिर निकाह भी किया है। मैं उसके यहां खाना खाकर लौट गया। इसके बाद उससे कोई राब्ता नहीं है।

तारा के साथ गलत हुआ है

वज़ीर ने कहा तारा शाहदेव के साथ जो कुछ भी हुआ है, वह गलत है। मैं इसकी मज़मत करता हूं। उस बच्ची को इंसाफ मिलना चाहिए। जो भी मुजरिम होंगे, उसे सख्त सजा मिलेगी।

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