Saturday , December 16 2017

हाईवे पर फंसे चार लाख से ज्यादा ट्रक, स्थिति नहीं सुधरी तो दूध, सब्जियों, फलों और दवाओं की आपूर्ति होगी बंद

नई दिल्ली : ट्रांसपोर्टरों की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने कहा कि 500 और 1000 के नोटों को अमान्य किए जाने के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों में राजमार्गों पर करीब चार लाख ट्रक फंसे पड़े हैं। एआईएमटीसी ने तत्काल प्रभाव से एटीएम और बैंकों से नकद निकासी की सीमा बढ़ाने की मांग की है, जिससे कि लोगों को हो रही परेशानी दूर हो सके। संस्था ने कहा कि स्थिति नहीं सुधरी तो दूध, सब्जियों, फलों और दवाओं की आपूर्ति भी प्रभावित होगी।

एआईएमटीसी ने दावा किया है कि 93 लाख ट्रक, 50 लाख बसें और टुरिस्ट टैक्सी तथा कैब संचालक उसके सदस्य हैं। संस्था ने कहा है कि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से कम से कम आठ लाख ड्राइवर और कंडक्टर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

एआईएमटीसी के अध्यक्ष भीम वाधवा ने कहा है कि अचानक हुई नोटबंदी की घोषणा से करीब चार लाख ट्रक देश के विभिन्न हिस्सों में फंस गए हैं। उनके चालक और कंडक्टर बैंकों और एटीएम के बाहर लाइन लगाने को मजबूर हैं। वाधवा ने कहा कि नकद निकासी की सीमा काफी कम होने और अनेकों स्थान पर एटीएम के काम नहीं करने की वजह से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय बुरी तरह चरमरा उठा है।

तत्काल निकासी सीमा बढ़ाने की मांग करते हुए वाधवा ने कहा कि हालात ऐसे ही रहे तो दूध, सब्जियों, फलों और दवाओं की आपूर्ति बाधित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ड्राइवर और पर्यटक बीच रास्ते में फंसे हुए हैं।

उनके पास छोटे मूल्य के नोट नहीं है और कहीं से उन्हें मदद भी नहीं मिल रही है। वाधवा ने कहा कि नोटबंदी की वजह से ट्रांसपोर्टर संकट के दौर से गुजर रहे हैं। अब तक इस तरह का संकट देखने को नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि हालात नहीं सुधरे तो आयात-निर्यात पर भी इसका असर पड़ेगा।

TOPPOPULARRECENT