हाई कोर्ट में जजों की कमी के बावजूद मोदी सरकार नियुक्ति में कर रही आनाकानी

हाई कोर्ट में जजों की कमी के बावजूद मोदी सरकार नियुक्ति में कर रही आनाकानी
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच एक बार फिर से तकरार होने का माहौल बन गया है। दरअसल कोलेजियम ने हाई कोर्ट्स में जजों की गिर रही गिनती पर चिंता जताते हुए उनकी नियुक्ति के केंद्र सरकार को  77 जजों के नाम भेजे थे जिसमें से केंद्र सरकार ने सिर्फ 34 जजों को ही नियुक्त किया है और 43 नामों को लौटा दिया है।

केंद्र सरकार की तरफ से इस बात की पुष्टि अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाले कोलेजियम ने हाई कोर्ट्स में नियुक्त करने के लिए जिन ७७ जजों के  नाम दिए थे  उनमें से केंद्र ने 34 जजों को नियुक्त करने की इजाजत दे दी है और इनमें से 43 जजों पर सरकार ने सहमति नहीं दी।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया है कि कोलेजियम द्वारा भेजी गईं सभी पेंडिंग फाइलों को निपटा लिया गया है। गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर सरकार और सुप्रीम कोर्ट में काफी वक़्त से ठनी हुई है और पिछले साल सरकार को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल जुडिशल अपॉइंटमेंट्स कमीशन के फैसले को रद्द कर दिया था।

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