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हाफ़िज़ ‍ए‍ क़ुरान का मर्तबा बहुत उँचा,जामीया अल्सूफ्फा वरंगल में जनाब आमिर अली ख़ान का संबोधन‌

वरंगल ( सियासत न्यूज़ ) जनाब मुहम्मद आमिर अली ख़ान न्यूज़ एडीटर रोज़नामा सियासत ने वरंगल की दीनी दरसगाह जामीया अल्सूफ्फा के दौरा के मौके पर अपने तास्सुरात ब्यान‌ करते हुए कहा कि हाफ़िज़ ‍ए‍ क़ुरान का मर्तबा बहुत ही बुलंद-ओ-बाला है हश्

वरंगल ( सियासत न्यूज़ ) जनाब मुहम्मद आमिर अली ख़ान न्यूज़ एडीटर रोज़नामा सियासत ने वरंगल की दीनी दरसगाह जामीया अल्सूफ्फा के दौरा के मौके पर अपने तास्सुरात ब्यान‌ करते हुए कहा कि हाफ़िज़ ‍ए‍ क़ुरान का मर्तबा बहुत ही बुलंद-ओ-बाला है हश्र के मैदान में हाफ़िज़ ‍ए‍ क़ुरान को ऊंची जगह पर बिठाया जाएगा कि लोग देख कर रशक करें ।

दीनी मदरसे इस्लाम के मज्बूत क़िले हैं । जनाब आमिर अली ख़ान ने जामीया अल्सूफ्फा वरंगल के तालीमी इंतेज़ाम और गरमाई दीनी क्लासें के मुनाक़िद करने की सताइश(तारिफ) की जामीया अल्सूफ्फा में तलबा के अंदर पाया जाने वाला डीसिप्ल‌न को भी देखा तमाम जामीया अल्सूफ्फा का तफ़सीली दौरा किया ख़ुसूसन कम्प्यूटर लैब के क़ियाम के ताल्लुक़ से कहा कि अरबी मदारिस में कंम्प्यूटर की तालीम दी जाना इंतिहाई क़ाबिल तरीन इक़दाम है ।

आज के मुसाब‌कती दौर को मद्द‍ ए‍ नज़र(साअम्ने) रखते हुए जामीया अल्सूफ्फा में असरी कम्प्यूटर लैब का क़ियाम अमल में लाया गया । जामीया अल्सूफ्फा वरंगल में तकरीबन 135 तलबा हैं । इलावा इस के मुख़्तलिफ़ प्रोफेशनल कोर्सेस में तालीम हासिल करने वाले मुस्लिम तलबा के लिए जामीया अल्सूफ्फा में क़ियाम का माक़ूल इंतेज़ाम किया गया है जिस से वरंगल के अतराफ़ के अज़ला के मुस्लिम तलबा दीनी माहौल में देख कर तालीम हासिल कर रहे हैं जिस से उन के वालदैन को इत्मीनान रहता है कि बच्चे गैर ग़लत कामों आदतों से महफ़ूज़ रह कर दिनी माहौल में रह कर अपनी असरी तालीम को जारी रख सकता है ।

जामीया अल्सूफ्फावरंगल में काबिल तरीन असातिज़ा की ख़िदमात हासिल की गई हैं जामीया अल्सूफ्फा वरंगल एक मिसाली मद्रेसा है यहां की साफ़ सफ़ाई तलबा-ए-में पाया जाने वाला डिसिप्ल‌न और तालीमी मेयार बहुत बुलंद है । जामीया अल्सूफ्फा में दीनी तालीम के साथ साथ असरी तालीम की भी तलबा को सहूलयात फ़राहम की जा रही हैं । जामीया अल्सूफ्फा वरंगल मुख़्तलिफ़ शोबा जात में तालीम हासिल करने वाले हुफ़्फ़ाज़ और उल्मा किराम की काबिलियत का हर कोई एतराफ़ करता है । यहां के फारिगीन‌ कई मदारिस और मसाजिद में दीन की ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं ।

जनाब मुहम्मद रशीद , मौलाना वसी उद्दीन ने कहा कि सालाना लाखों रूपयों का ख़र्च आता है । जामीया अल्सूफ्फा अहल ख़ैर हज़रात के तआवुन(सहायता) से चलता है । हर साल जामीया अल्सूफ्फा का सालाना जल्सा बड़े पैमाने में मनाया जाता है । जिस में हाफ़िज़ की दस्तारबन्दी की जाती है और फ़ारिग़ उल्मा किराम का सामीइन की मौजूदगी में तालीमी मुज़ाहरा किया जाता है ।

इस मौक़ा पर एम ए वकील सदर मंडी बाज़ार मरचंट एसोसी एषण , मुहम्मद रशीद , मौलाना वसी उद्दीन , सय्यद वली उल्लाह कादरी कंवीनर काकतीया यूनीवर्सिटी ज्वाइंट एक्शन कमेटी , मुहम्मद मुनीर इस्माईल , एम ए नइम जर्नलिस्ट और दीगर मौजूद थे ।

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