Tuesday , September 25 2018

हिंदुत्व को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार सारे मंत्रालय में RSS के लोगों को बैठा रही है- कांग्रेस

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और गुजरात कांग्रेस के प्रभारी अशोक गहलोत ने आरएसएस पर बड़ा बयान देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा हैं. उन्होने कहा कि पूरे देश में दो चेहरों की सरकार चल रही हैं और हिंदुत्व को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के सारे मंत्रालयों ने ब्यूरोकेट्स के साथ-साथ एक आदमी आरएसएस का बैठा दिया गया हैं.

मंगलवार को अपने जैसलमेर प्रवास के दौरान गहलोत ने कहा कि आरएसएस सरकार के काम में दखल दे रहा है और पूरी सरकार को चला रहा है. यह देश डेमोक्रेसी के लिए खतरनाक साबित हो सकता हैं.

उन्होंने सीमाओं पर पाकिस्तानी फायरिंग में शहीद हो रहे सैनिकों, जवानों, अधिकारियों के प्रति दुख व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को इसे रोकने के लिए जो भी कदम उठाने चाहिए, उन्हें उठाया जाना चाहिए. हालांकि ऐसा नहीं हो रहा है. मोदी सरकार सिर्फ एक सर्जिकल स्ट्राइक का ढोल पीटकर चुपचाप बैठी है.

उन्होंने कहा कि देश में हिंदुत्व को बढ़ावा देने के साथ ही परोक्ष रूप से आरएसएस सरकार चला रहा हैं. हर मंत्रालय में ब्यूरोकेट्स के साथ आरएसएस के लोग बैठाए जा रहे है. उनकी मर्जी के बगैर पत्ता भी नहीं हिल रहा है.

आरएसएस बढ़-चढ़कर सरकार के कार्यों में दखलंदाजी कर रही है. खासकर सूचना प्रसारण मंत्रालय में डॉक्युमेन्ट में आरएसएस के प्रतिनिधियों की भर्ती करने की तैयारी की जा रही है. आरएसएस की नीतियों का आगे लाया जा रहा है.

पूरे देश में पीएम नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के दो चेहरे ही शासन कर रहे हैं. बीजेपी के लोग खुद इन दो चेहरों से दुखी हैं. नौकरशाह भी परेशान हैं. आमजन भय और चिंता में जी रहे हैं. इससे साफ जाहिर है कि मोदी सरकार में लोकतंत्र को नुकसान हो रहा है.

उन्होंने कहा कि जनता जल्द ही मोदी सरकार का सफाया कर देगी. सीमाओं पर चल रहे तनाव के बीच लगातार शहीद हो रहे जवानों को लेकर गहलोत ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी में विफल साबित हो रही है. सिर्फ एक सर्जिकल स्ट्राइक करके सरकार इसका ढिढोरा पीट रही है और कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है.

अशोक गहलोत ने कहा कि देश के जवानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है, जो सैनिक विपरीत परिस्थितियों में अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सेवा कर रहा है, उनके प्रति सरकार की गंभीरता में कमी दिखाई दे रही है.

जम्मू-कश्मीर में भारत पाकिस्तान की सीमा पर पाकिस्तानी फायरिंग में हमारे जवान अधिकारी शहीद हो रहे हैं. सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है. यह देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी हैं कि वो देश के जवानों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएं. उनको इस समस्या का सर्वमान्य हल ढूंढ़ा जाना चाहिए.

सौजन्य- आज तक

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