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हिंदुत्व हिंदुस्तान की शिनाख्त : मोहन भागवत

पटना 22 जुलाई : हिंदुत्व हिंदुस्तान की पहचान है। यह हिंदुस्तान की इत्तेहाद का बुनियाद है। जब-जब अलहदगी की बात आयी, हिंदुत्व में ही हिंदू-मुसलमानों ने साथ रहने का रास्ता निकाला। आर एस एस हिंदुत्व पर बुनियाद पर मुल्क के तौर में हिंदु

पटना 22 जुलाई : हिंदुत्व हिंदुस्तान की पहचान है। यह हिंदुस्तान की इत्तेहाद का बुनियाद है। जब-जब अलहदगी की बात आयी, हिंदुत्व में ही हिंदू-मुसलमानों ने साथ रहने का रास्ता निकाला। आर एस एस हिंदुत्व पर बुनियाद पर मुल्क के तौर में हिंदुस्तान को खड़ा करना चाहता है। ये बातें आर एस एस के डॉ मोहन भागवत ने इतवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में “गुरु पूर्णिमा” जश्न को खेताब करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि इस मुल्क में रहनेवालों की वतन है हिंदुस्तान। यहां जन्म लेनेवाले मुसलमानों के दफन के वक्त भी इसकी मिट्टी जरूरी होती है।

हिंदू सकाफ़त में सबको अपनी-अपनी अकीदत में रहने की छूट है। हिंदुत्व में तमाम इबादत तरीका काबिले काबुल हैं। इनमें किसी को ख़त्म करने का कभी कोई कोशिश नहीं हुआ। आज की सियासी सूरते हाल पर उन्होंने सीधे-सीधे तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरुर कहा कि लीडर और पार्टियां तो अस्सिस्टेंट की किरदार में होते हैं, उन्हें ठीक करने का काम मुआशरे ही का है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि आरएसएस हिंदू तंजीम का काम करता है।

यूनियन के रजाकार समाज के दुख-दर्द को दूर कर रहे हैं। संघ के बारे में कई तरह की गलत फहमी हैं। इस गलत फहमी को दूर करने के लिए लोगों से उन्होंने संघ में शामिल होने, संघ को देखने-समझने और इसकी इम्तेहान लेने की दरख्वास्त की। उन्होंने कहा कि लोग अगर अपने अज़ीम लोगों का तर्ज़ अमल खुद में उतारे, तो मुल्क अज़ीम बनेगा। जश्न में साबिक़ नायब वजीर ए आला सुशील मोदी, असेंबली में ओपोजिशन के लीडर नंद किशोर यादव, साबिक़ वजीर अश्विनी चौबे, रियासती भाजपा सदर मंगल पांडेय समेत भाजपा के ज़यादातर विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए। मंच पर संघ के तीन ओहदेदार शिवनाथ सिंह, धरनी धर सिंह और डॉ पवन अग्रवाल को जगह मिली।

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