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हिंदुस्तान को एम एफ़ एन दर्जा पर पाकिस्तानी वुज़रा में तकरार

वज़ीरे ख़ारजा पाकिस्तान हिना रब्बानी खर गुज़िश्ता हफ़्ता एक काबीनी इजलास के दौरान वज़ीर तिजारत मख़दूम अमीन फ़हीम के साथ इस मसअला पर उलझ पड़ी कि हिंदुस्तान के तिजारती ताल्लुक़ात को मामूल पर लाने के लिए ईस्लामाबाद में क़तई मोहल

वज़ीरे ख़ारजा पाकिस्तान हिना रब्बानी खर गुज़िश्ता हफ़्ता एक काबीनी इजलास के दौरान वज़ीर तिजारत मख़दूम अमीन फ़हीम के साथ इस मसअला पर उलझ पड़ी कि हिंदुस्तान के तिजारती ताल्लुक़ात को मामूल पर लाने के लिए ईस्लामाबाद में क़तई मोहलत की तकमील नहीं की।

हिना रब्बानी जो तिजारत को मामूल पर लाने के मसअला के बारे में तमाम तबदीलीयों से मुबैयना तौर पर नावाक़िफ़ थीं उन्होंने इस्तिदलाल पेश किया कि मनफ़ी फ़ेहरिस्त के सिस्टम को ख़त्म करने के लिए 31 दिसंबर की क़तई मोहलत की तकमील की जानी चाहिए थी क्योंकि इस के बाहमी ताल्लुक़ात पर असरात मुरत्तिब होते हैं रोज़नामा बिज़नस रिकार्डर ने अपने ज़राए के हवाले से ये बात कही ।

वज़ीर ख़ारजा 3 जनवरी को काबीनी इजलास में फ़हीम के साथ उलझ गईं जब हिंदुस्तान के लिए आइटम्स की मनफ़ी फ़ेहरिस्त को मुसबत करने के इक़दाम के मसअला पर ग़ौर-ओ-ख़ौस किया गया हालाँकि ये एजेंडा पर नहीं था । वज़ीर बराए क़ौमी क़वाइद और ख़िदमात ने कहा कि देसी सनअत के मफ़ादात पर वज़ारत तिजारत की जानिब से तवज्जा नहीं दी गई है ।

ताहम हिना रब्बानी ने इस्तिदलाल पेश किया कि 28 फेब्रुअरी 2012 को काबीना ने फ़ैसला किया था कि मनफ़ी फ़ेहरिस्त को मरहला वार अंदाज़ में 31 दिसंबर तक ख़त्म कर दिया जाएगा।

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