Thursday , January 18 2018

हिंदुस्तान ने रद्द की पाकिस्तान के साथ बातचीत

नई दिल्ली: हुकुमत ए हिंद ने पाकिस्तान के साथ 25 अगस्त को होने जा रहीसेक्रेटरी खारेज़ा सतह की बातचीत पीर के रोज़ रद्द कर दी.

नई दिल्ली: हुकुमत ए हिंद ने पाकिस्तान के साथ 25 अगस्त को होने जा रहीसेक्रेटरी खारेज़ा सतह की बातचीत पीर के रोज़ रद्द कर दी. यह कदम कश्मीर के एक अलैहदगी (अलगाववादी) लीडर शब्बीर शाह का हिंदुस्तान में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित से मुलाकात के बाद उठाया गया |

इस बीच पाकिस्तान ने इस फैसले को अफसोसनाक बताया और कहा कि इससे हिंदुस्तान के साथ बेहतर ताल्लुकात बनाने के उसकी कोशिश को धक्का लगा. वज़ारत ए खारेज़ा के तरजुमान सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि मजूज़ा बातचीत मुल्तवी कर दी गई है, क्योंकि सेक्रेटरी खारेज़ा सुजाता सिंह के इस्लामाबाद दौरे से अब कुछ भी हासिल नहीं होगा |

उन्होंने कहा कि सेक्रेटरी खारेजा सुजाता सिंह की 25 अगस्त को होने वाले सफर मंसूख की जाती है. उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान का हिंदुस्तान के अंदरूनी मामलों में दखलअंदाज़ी ‘अभी तक वैसा ही है’ और यह हमें मंजूर नहीं है |

उधर पाकिस्तान के दफ्तर खारेज़ा ने कहा कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीश्नर की तरफ से कश्मीरी लीडरों की मुलाकात के बाद हिंदुस्तान के मुज़ाकरात रद्द करने के फैसले से आअगाह कराया गया |

बयान में कहा गया है कि काफी दिनो से यह रिवायत रही है कि दो तरफा मुज़ाकरात से पहले कश्मीरी लीडरों से मुलाकात की जाती है जिससे कश्मीर पर ‘मुसबत बातचीत’ हो सके.

अकबरुद्दीन ने कहा, “यह काबिल ए ज़िक्र है कि पाकिस्तान हाई कमिश्नर की हुर्रियत के नाम नहद लीडरों से मुलाकात ने वज़ीर ए आज़म (नरेंद्र मोदी) की तरफ से अपनी हुकूमत के पहले ही दिन से शुरू की गई मुसबत सिफारती अमल पर चोट पहुंचाया है.”

उन्होंने कहा, “Indian Foreign Secretary ” ने इसलिए पाकिस्तान की हाई कमिश्नर को पीर के रोज़ साफ बता दिया है कि पाकिस्तान हिंदुस्तान के अंदरूनी मामलों में दख्लअंदाज़ी कर रहा है और यह कबूल के काबिल नहीं है.”

पाकिस्तान सिर्फ 1972 के शिमला समझौता और लाहौर ऐलानिया खत के जरिए दोतरफा बातचीत के जरिए हिंदुस्तान के साथ मुद्दों को सुलझा सकता है |

अकबरुद्दीन ने कहा, “पाकिस्तान के लिए सभी मुतनाज़ा मुद्दों का हल करने का सिर्फ एक ही रास्ता शिमला समझौता और लहौर ऐलानिया खत के ढांचे और असूलो के दायरे में दो तरफा मुज़ाकरात है |”

अलगाववादियों को बातचीत की दावत देने के बाद पाकिस्तान के साथ मुज़ाकरात पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस ने कहा है कि मोदी हुकूमत को यह बताना चाहिए कि आखिर उसने पाकिस्तान के साथ मुज़ाकरात वार्ता का फैसला ही क्यों लिया |

कांग्रेस लीडर मनीष तिवारी ने कहा, “मैं समझता हूं कि हुकूमत को यह बताना चाहिए कि आखिर उसने मुज़ाकरात की सिम्त में पहले बढ़ने का फैसला ही क्यों किया था | ”

कांग्रेस लीडर अमरिंदर सिंह ने कहा कि मोदी हुकूमत ने पाकिस्तान के साथ मुज़ाकरात की मेज पर जाने का फैसला लेने से पहले होमवर्क नहीं किया था |

भारतीय जनता पार्टी के लीडर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इस बीच कहा है कि उकसाने वाली कार्रवाई और अमन एक साथ नहीं चल सकती |

मालूम हो कि भारत में पाकिस्तान के हाईन कमिश्नर अब्दुल बासित ने हुर्रियत कान्फ्रेंस के लीडर सैयद अली गिलानी और लीडर ता मीर वैज़, उमर फारूक समेत कश्मीरी अलगाववादी लीडरो को दोनों मुल्कों के बीच मजूज़ा (Proposed) इस्लामाबाद में सेक्रेटरी खारेज़ा सतह की मुज़ाकरात से पहले बातचीत के लिए बुला लिया जिससे खटास पैदा हो गई |

TOPPOPULARRECENT