Wednesday , December 13 2017

हिंदुस्तान में पहली बार आज किसिंग फेस्टिवल

गैर मुल्क की तर्ज पर हिंदुस्तान में पहली बार आज किसंग फेस्टिवल मुनाकिद किया जा रहा है। माना जा रहा है कि तालिब ए इल्म और तालिबात ने पहली बार एहतिजाज का नया तरीका इख्तेयार किया है। सियासी पार्टियों की मोरल पुलिसिंग की मुखालिफत में

गैर मुल्क की तर्ज पर हिंदुस्तान में पहली बार आज किसंग फेस्टिवल मुनाकिद किया जा रहा है। माना जा रहा है कि तालिब ए इल्म और तालिबात ने पहली बार एहतिजाज का नया तरीका इख्तेयार किया है। सियासी पार्टियों की मोरल पुलिसिंग की मुखालिफत में आईआईटी कैंपस में आज शाम 5:30 बजे मास किसिंग मुनाकिद की जाएगी। वहीं, कोच्चि में भी किसिंग फेस्टिवल मुनाकिद होने जा रहा है। इस तरह के पहले ऐसे इवेंट्स को किस ऑफ लव का नाम दिया गया है।

आर्गेनाइज़र फ्री थिंकर्स नाम के फेसबुक यूजर्स ग्रुप को उम्मीद है कि इस इवेंट में तकरीबन 700 से 1000 लोग हिस्सा लेंगे। कोच्चि में इतवार शाम 5 बजे मुकामी मरीन ड्राइव ग्राउंड पर होगा। गौरतलब है कि इस इवेंट्स को रोकने के लिए कुछ हिंदू और स्टूडेंट्स की तंज़ीम ने दरखास्त भी दायर कीं, लेकिन केरल हाईकोर्ट ने ऐसे किसी भी हुक्म से खुद को अलग कर लिया।

केरल हाईकोर्ट ने प्रोग्राम में दखलअंदाज़ी से ही मना कर दिया। एहतिजाज में एर्नाकुलम गवर्नमेंट लॉ कॉलेज के स्टूडेंट्स और तिरूवनंतपुरम के श्रीसत्य साईं ऑर्फनेज ट्रस्ट था। दरखास्तों में कहा गया था कि यह प्रोग्राम केरल पुलिस एक्ट, आईपीसी के शराइत और हिंदुस्तान के कल्चर के भी खिलाफ है। लेकिन सरकार ने कोर्ट को बताया कि प्रोग्राम के दौरान मुनासिब तादाद में पुलिस अहलकार तैनात किए जाएंगे। प्रोग्राम में कोई गैर कानूनी सरगर्मी होती है तो फौरन कार्रवाई की जाएगी। इस तयक्कुन के बाद एक्टिंग चीफ जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएम शफीक की बेंच ने दरखास्त खारिज कर दीं।

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