Friday , December 15 2017

हिंदूस्तान,इंसानी स्मगलिंग का अहम ज़रीया और मुक़ाम : अमरीका

अमरीका ने हिंदूस्तान पर इल्ज़ाम आइद किया है कि वो एक ऐसा मुल्क बन गया है जहां से ज़बरदस्ती मेहनत कुशी और जिन्सी (शारीरिक ) इस्तिहसाल (शोषण ) के लिए मर्द , ख्वातीन और बच्चों की दीगर (दुसरे) ममालिक (देशों) को गैरकानूनी स्मगलिंग की जाती

अमरीका ने हिंदूस्तान पर इल्ज़ाम आइद किया है कि वो एक ऐसा मुल्क बन गया है जहां से ज़बरदस्ती मेहनत कुशी और जिन्सी (शारीरिक ) इस्तिहसाल (शोषण ) के लिए मर्द , ख्वातीन और बच्चों की दीगर (दुसरे) ममालिक (देशों) को गैरकानूनी स्मगलिंग की जाती है और उन ही कामों के लिए दीगर (दुसरे) ममालिक (देशों) से हिंदूस्तान को मर्द ख्वातीन और बच्चे लाए भी जाते हैं।

अमरीका ने हिंदूस्तान पर ज़ोर दिया कि उसे जराइम को रोकने के लिए इंसानी बुरदाफ़रोशी (स्मगलिंग) के ख़िलाफ़ सख़्त और जामेअ क़वानीन वाज़े करे । अमरीका ने वज़ीर ख़ारिजा (विदेश मंत्री ) हिलारी क्लिन्टन के हाथों गुज़िश्ता रोज़ जारी कर्दा एक सरकारी रिपोर्ट में कहा है कि हिंदूस्तान के लाखों शहरियों को मेहनत के लिए ज़बरदस्ती मजबूर करना इस मुल्क में इंसानी स्मगलिंग का सब से बड़ा मसला है ।

लेकिन ये भी कहा गया है कि इस लानत के मुकम्मल ख़ातमा के लिए मुक़र्ररा मयारात की अक्ल तरीन (न्यूनतम ) पाबंदी करते हुए हिंदूस्तान ने नुमायां मसाई (कोशिश)की है। अमरीकी रिपोर्ट ने हिंदूस्तान को लगातार दूसरे साल भी उसे ममालिक (देशों) की दूसरे ज़मुरा (कटेगरी) की फ़ेहरिस्त में रखा है जिस की हुकूमतें बुरदाफ़रोशी (स्मगलिंग) के मुतासरीन के तहफ़्फ़ुज़ (सुरक्षा ) के क़वानीन के अक्ल तरीन (न्यूनतम ) मयारात की मुकम्मल पाबंदी नहीं करते ।

रिपोर्ट ने मज़ीद कहा कि मर्द -ख्वातीन और बच्चों को मेहनत के लिए ज़बरदस्ती मजबूर करने और जिन्सी (शारीरिक ) इस्तिहसाल (शोषण ) के लिए लाने और ले जाने के मुआमला में हिंदूस्तान एक अहम ज़रीया और मुक़ाम बन कर उभर रहा है । इस ( हिंदूस्तान ) के लाखों शहरियों को मेहनत-ओ-मज़दूरी के लिए ज़बरदस्ती मजबूर करना हिंदूस्तान में इंसानी स्मगलिंग का सब से बड़ा मसला है । अमरीकी रिपोर्ट ने इन्किशाफ़ किया है कि हिंदूस्तान में मर्द ,ख्वातीन और बच्चों को क़र्ज़ के जाल में फांस कर उन्हें बंधवा मज़दूर बना दिया जाता है ।

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