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हिंदूस्तानी इक़तिसादी शरह (आर्थिक दर)5.1 फ़ीसद रहेगी :मोरगन असटीनले

मोरगन असटीनले के मुताबिक़ हिंदूस्तानी इक़तिसादी शरह (आर्थिक दर)नमू अब 5.1 फ़ीसद रहेगी ।पहले 5.8 फ़ीसद का अंदाज़ा लगाया गया था। बरामदाती सतह पर कमज़ोर ग़ैर मुल्की मांग , निजी सरमाया कारी में कमी, देही इलाक़ों में उजरतों की शरह में ख़ात

मोरगन असटीनले के मुताबिक़ हिंदूस्तानी इक़तिसादी शरह (आर्थिक दर)नमू अब 5.1 फ़ीसद रहेगी ।पहले 5.8 फ़ीसद का अंदाज़ा लगाया गया था। बरामदाती सतह पर कमज़ोर ग़ैर मुल्की मांग , निजी सरमाया कारी में कमी, देही इलाक़ों में उजरतों की शरह में ख़ातिर ख़वाह इज़ाफे़ और नाक़िस सरकारी मालीयाती नज़म की वजह से ये कमी आई है।

मोरगन असटीनले के मुताबिक़ हंगामी ज़रूरत इस बात की है कि हुकूमत पालिसी साज़ इक़दामात के ज़रीया माली ख़सारे की सूरत-ए-हाल और निजीसरमाया कारी से मुसलसल हाथ खींचने के अमल से रुजू करें।

इस अमरीकी सरमाया कार घराने ने क़ब्लअज़ीं एशिया की तीसरी सब से बड़ी मईशत हिंदूस्तान की इक़तिसादी शरह (आर्थिक दर) का अंदाज़ा मार्च में ख़त्म होने वाले साल में 5.1 फ़ीसद लगाया था।

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